देहरादून: बिनसर वनाग्नि प्रकरण: कुमाऊं के 3 अधिकारियों पर गिरी गाज

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Edited By Amrit Vichar
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देहरादून, अमृत विचार। उत्तराखंड के अल्मोड़ा बिनसर रेंज में जंगल की आग की चपेट में आकर चार वनकर्मियों की मौत के मामले में सीएम धामी ने सख्त रुख अपनाया है। कुमाऊं के तीन अधिकारियों पर गाज गिरी है। चीफ कंजरवेटर नार्थ और डीएफओ अल्मोड़ा को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, सीसीएफ कुमाऊं को अटैच किया है। सीएम धामी के निर्देश के बाद अब विभाग इन पर कार्रवाई करने जा रहा है।

मामला गुरुवार शाम को बिनसर अभयारण्य में लगी जंगल की आग बुझाने पहुंचे वन विभाग के एक वन बीट अधिकारी, दो फायर वाचर समेत चार लोगों की जलकर मौत हो गई थी। जबकि चार अभी भी गंभीर हैं। उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। आग इतनी विकराल थी कि फायर वाचरों और पीआरडी के जवानों को इससे बचने का मौका तक नहीं मिला। वन विभाग के अधिकारियों को टीम के जंगल में फंसे होने की जानकारी मिली तो वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी।

आपको बता दें कि वनाग्नि में वन बीट अधिकारी बिनसर रेंज त्रिलोक सिंह मेहता (40) पुत्र नारायण सिंह, निवासी उडलगांव बाड़ेछीना, दैनिक श्रमिक दीवान राम (35) पुत्र पदी राम निवासी ग्राम सौड़ा कपड़खान, फायर वाचर करन आर्या (21) पुत्र बिशन राम निवासी कफड़खान और पीआरडी जवान पूरन सिंह (50) पुत्र दीवान सिंह निवासी ग्राम कलौन की मौके पर ही मौत हो गई। ये हुए घायलफायर वाचर कृष्ण कुमार (21) पुत्र नारायण राम निवासी ग्राम भेटुली, पीआरडी जवान कुंदन सिंह नेगी (44) पुत्र प्रताप नेगी निवासी ग्राम खांखरी वाहन चालक भगवत सिंह भोज (38) पुत्र बची सिंह निवासी ग्राम भेटुली, दैनिक श्रमिक कैलाश भट्ट (54) पुत्र बद्रीदत्त भट्ट निवासी ग्राम धनेली, अल्मोड़ा गंभीर रूप से झुलस गए।

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