सीतापुर : थाने की कुर्सियों में भ्रष्टाचार की गंध...बताकर जमीन में बैठे कांग्रेस सांसद 

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Edited By Amrit Vichar
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किशोरी को थाने लाये जाने के विरोध में भड़के सांसद राकेश राठौर , बजरंग मुनि पर हुए हमले में किशोरी पर दर्ज थी एनसीआर,नोटिस के बाद छोड़ा 

सीतापुर,अमृत विचार। जमीन पर बैठकर बड़ा अच्छा लग रहा है, थाने की कुर्सियों पर भ्रस्टाचार की बू और गंध आ रही है। यहां थानों पर सारे दिन कुर्सियों पर बिठाकर लूट का पैसा लिया जाता है, इसलिए थाने की जमीन स्वच्छ है। यह शब्द है सीतापुर लोकसभा सीट से कांग्रेस से नवनिर्वाचित सांसद राकेश राठौर के। खैराबाद थाने में नाबालिग किशोरी को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस कार्रवाई से आहात सांसद अपने समर्थकों संग थाने पहुंचकर कुर्सियों की बजाय जमीन पर ही बैठकर किशोरी को अकारण थाने लाने की वजह जानी। थाने में सांसद के जमीन में बैठने की सूचना मिलते ही महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों की सांसद से बातचीत के दौरान तीखी नोकझोक के बाद सांसद और उनके समर्थक अंबेडकर पार्क में आमरण अनशन की बात कहकर थाने से वापस निकल गये। 

मालूम हो कि खैराबाद थाना इलाके में स्थित बड़ी संगत के महंत बाबा बजरंग मुनि दास ने थाने पर तहरीर देकर आरोप लगाया कि वह गुरुवार की शाम अपनी मां को हॉस्पिटल में देकर वापस संगत आ रहे थे। इस दौरान रास्ते में विवादित आम की बाग़ में इलाके में समुदाय विशेष की तीन लड़कियां और तीन लड़के आम तोड़ रहे थे। आम तोड़ने की सूचना बाबा ने स्थानीय चौकी को दी। मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी ने सभी को वहां से खदेड़ने का प्रयास किया तो वह पुलिस से लड़ने लगी।

बाबा का आरोप कि इस दौरान जब वह अपने आश्रम आ रहे थे तो रास्ते में पहले से घात लगाये बैठे अतीक, लईक, सलमान, ताज, आफताब और अयान ने पत्थर और अवैध असलहे सहित धारदार हथियार से हमला किया। बाबा का कहना है कि हमले के दौरान उन्हें बचाने पहुंचे आश्रम के भंडारी पर चोटें आई है और पुलिस के आने के उपरांत हमलावर फरार हो गये। पुलिस ने बाबा  की तहरीर के आधार पर 6 नामजद लोगो के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी। 

किशोरी को थाने लाने पर भड़के सांसद 

शुक्रवार को पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल के दौरान पूछताछ और एनसीआर में नाम दर्ज होने के चलते इलाके की निवासिनी 16 वर्षीय छात्रा फलक को अपने साथ ले आई। किशोरी को बेवजह थाने की सूचना मिलते ही सांसद राकेश राठौर ने अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार से फ़ोन पर बातकर जानकारी हासिल की। सांसद का कहना है कि एडिशनल एसपी ने फ़ोन पर एनसीआर दर्ज होने की बात कहकर जिरह न करने की हिदायत दी। पुलिस की कार्यशैली से नाराज सांसद अपने समर्थकों संग थाने पहुंचकर जमीन पर बैठकर किशोरी को छोड़ने की मांग की।

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