पाक में अराजकता
भारत के खिलाफ लगातार आतंकी हरकतों को अंजाम देने वाला और आतंक के पनाहगार पाकिस्तान में बीते दो दिनों से जो हालात हैं उसने इस अराजक देश की सारी हकीकत की अंतर्राष्ट्रीय जगत में पोल खोलकर रख दी है। हालात ऐसे हैं कि सेना और पुलिस के बीच संघर्ष में 10 से ज्यादा लोगों की …
भारत के खिलाफ लगातार आतंकी हरकतों को अंजाम देने वाला और आतंक के पनाहगार पाकिस्तान में बीते दो दिनों से जो हालात हैं उसने इस अराजक देश की सारी हकीकत की अंतर्राष्ट्रीय जगत में पोल खोलकर रख दी है। हालात ऐसे हैं कि सेना और पुलिस के बीच संघर्ष में 10 से ज्यादा लोगों की मौत की खबरें हैं। अपनी इस हालत के लिए खुद जिम्मेदार पाकिस्तान में इस वक्त वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान की बेचारगी भी साफ दिख रही है जो कि अपनी नाकामियां छिपाने के लिए आए दिन लोगों का ध्यान बंटाने की कोशिश में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर बोलते रहे हैं।
मगर इस वक्त अपने ही देश में अपनों से घिरे इमरान के पास करने को कुछ नहीं है। यह तो सभी को मालूम है कि पाकिस्तान में सरकार नहीं बल्कि फौज की हुकूमत चलती है। इमरान खान को भी वहां इलेक्टेड पीएम यानी फौज का चुना हुआ प्रधानमंत्री कहा जाता है। पाकिस्तान की सेना के हाथों की कठपुतली सरकार इस लायक भी नहीं रह गई है कि वह सेना और पुलिस के बीच के विवाद में कुछ कर सके। पाकिस्तान में हालात गृह युद्ध जैसे हैं। वहां की पुलिस ने सेना के खिलाफ बगावत कर दी है।
वहां पुलिस अधिकारी को कथित तौर पर सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सिंध प्रांत के सभी बड़े पुलिस अधिकारी छुट्टी पर चले गए हैं। इस बात से पता चलता है कि पाकिस्तान में अराजकता की क्या स्थिति है। क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट हो चुका है और इमरान की मजबूरी है कि वह पाक की फौज के खिलाफ कुछ नहीं बोल सकते। इस बीच पाकिस्तान में चल रहे ताजा हालात से भारत को भी काफी सतर्क रहने की जरूरत है। जब वहां सेना और पुलिस ही आपस में लड़ रही है तो वहां रह रहे आतंकियों के पास ऐसे में अपने मनमाफिक चलने का मौका भी होगा।
एक अराजक देश में जब सामान्य दिनों में ही स्थितियां नियंत्रण के बाहर रहती हैं और आतंकी अपनी मनमानी करते रहते हैं तो वहां इस वक्त के हालात में स्थिति और भी बदतर होने की प्रबल संभावना है। भारत की खुफिया एजेंसियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि पाक परस्त आतंकवादी इस वक्त किसी न किसी साजिश में लगे होंगे और यही कोशिश पाकिस्तान की सरकार की भी होगी। घर के झगड़ों से जनता का ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान के पास कश्मीर के अलावा कोई मुद्दा नहीं बचता है, लिहाजा आतंकवादियों को पालने वाली सरकार के इन मंसूबों का भी हमें अच्छी तरह ध्यान रखना होगा। हालांकि पाकिस्तान को यह अच्छी तरह मालूम है कि अपने ही देश में पुलिस के विरोध का सामना कर रही फौज के लिए हालात आसान नहीं हैं, फिर भी हमें सावधान तो रहना ही होगा।
