SGPGI: डॉक्टर बोले- नर्सिंग स्टाफ को थप्पड़ नहीं मारा, एनएसए का 28 से कार्य बहिष्कार का एलान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ,अमृत विचार। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के सीवीटीएस ओटी में  मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई थी। ऑपरेशन के दौरान नर्सिंग स्टाफ लापरवाही बरत रहा था, इसलिए डॉक्टर वरुणा ने उसे बाहर जाने के लिए कहा था। थप्पड़ मारने का आरोप बेबुनियाद है। यह बात फैकल्टी फोरम ऑफ एसजीपीजीआई के सेक्रेटरी डॉ. पुनीत गोयल ने कही है। वहीं शनिवार को भी नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की तरफ से कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन जारी रहा है।

डॉ. वरुणा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान हार्ट लंग मशीन की ट्यूबिंग को क्लैंप करने के लिए ट्यूब क्लैंप मांगा था, लेकिन नर्सिंग स्टाफ ने एओर्टिक क्रॉस क्लैंप दे दिया। दोबारा ट्यूब व क्लैंप मांगने पर भी सही उपकरण नहीं दिए। इससे नाराज होकर दूसरे सहायक को असिस्ट करने के लिए कहा था। नर्सिंग स्टाफ तुरंत छोड़ कर चला गया। कुछ देर बाद पता चला कि यह लोग प्रशासनिक भवन पर बवाल कर रहे हैं। नर्सिंग स्टाफ ने इसे अपमानजनक मानते हुए थप्पड़ जड़ने का आरोप लगा दिया। प्रो. वरूणा ने कहा कि सर्जरी के समय मरीज के जीवन और मृत्यु के बीच युद्ध होता है। तब समय खराब नहीं कर सकते है। 

वहीं SGPGI के नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की अध्यक्ष लता सचान का कहना है कि नर्सिंग आफिसर को डॉक्टर ने थप्पड़ मारा था। फैकल्टी फोरम मामले को घुमाने के लिए गुमराह कर रहा है। एनएसए आरोपित संकाय सदस्य के निलंबन की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। एक घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार 25 से 27 जून सुबह 10 से 11 बजे तक होगा, इसके बाद 28 जून से न्याय न मिलने तक पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: SGPGI: महिला डॉक्टर पर नर्सिंग ऑफिसर को थप्पड़ मारने का लगा आरोप, विरोध शुरू

संबंधित समाचार