बहराइच: पुलिस अधीक्षक को जिले से हटाने की मांग को लेकर भाकियू ने कलेक्ट्रेट में शुरू किया अनिश्चित कालीन धरना, जानें वजह

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Edited By Amrit Vichar
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बहराइच, अमृत विचार। भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के किसानों ने शनिवार से कलेक्ट्रेट में निश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है। रविवार को दूसरे दिन भी किसान धरना स्थल पर जुटे रहे। सभी का कहना है कि बहराइच पुलिस अधीक्षक को जिले से हटाया जाए। उनकी मांगे एक सप्ताह में पूरी नहीं हुई तो सभी सड़क जामकर प्रदर्शन करेंगे। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष चौधरी रामकुमार वर्मा की अगुवाई में किसानों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

जिला अध्यक्ष ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि 5 जून को पयागपुर थाना क्षेत्र के रजवापुर के मजरा दरियावपुरवा में बिजली संविदा कर्मी हनुमान प्रसाद यादव की शटडाउन के बाद भी तार सही करते समय बिजली आपूर्ति जारी करने से मौत हो गई थी। परिवार के लोग मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी की मांग को लेकर धरना दे रहे थे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सूचना के 3 घंटे बाद पहुंची पुलिस के विरुद्ध लोगों में नाराजगी थी।

पुलिस ने लोगों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। लेकिन घटना के दूसरे दिन 42 नामजद और 40 अज्ञात पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। जिनमें किसान नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इस मामले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने जिले की पुलिस मुखिया पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला से मिलने के लिए कार्यालय में गए।

पुलिस अधीक्षक ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कार्यालय से भगा दिया। इसके विरोध में सभी ने शनिवार से कलेक्ट्रेट में धरना शुरू कर दिया है। सभी का कहना है कि एक सप्ताह में पुलिस अधीक्षक का जिले से स्थानांतरण नहीं हुआ तो वह सभी सड़क जाकर प्रदर्शन करेंगे। किसानों का रविवार को भी धरना जारी रहा। धरने के दौरान काफी संख्या में महिला और पुरुष किसान मौजूद रहे।

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