Exclusive: एलिवेटेड रोड के लिए अधिग्रहित करनी पड़ेगी 50 हेक्टेयर भूमि...टाटमिल, गुमटी समेत इन चौराहों पर जगह कम होने से आ रही दिक्कत
एनएच पीडब्ल्यूडी ने भूमि अधिग्रहण के लिए तैयार किया 66 करोड़ रुपये का एस्टीमेट
कानपुर, (अभिनव मिश्र)। जीटी रोड पर यातायात जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए 10.85 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड की योजना में एनएच पीडब्ल्यूडी को भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके लिए विभाग करीब 50 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करेगा, जिसका एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने के बाद ही भूमि अधिग्रहण को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
अनवरगंज-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन के कारण जीटी रोड पर पड़ने वाली रेलवे क्रासिंगो के कारण शहरवासियों को भीषण जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इससे निदान के लिए रामादेवी से गोल चौराहे तक 10.85 किमी लंबी एलिवेटेड रोड की योजना बनाई गई है। वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने एलिवेटेड रोड के लिए 1000 करोड़ का बजट अवांटित किया था।
तत्कालीन जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने वित्तीय वर्ष 2022-23 की कार्य योजना में शामिल करने के लिए एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी मुख्यालय भेजा था। इसके बाद पांच करोड़ रुपये से एलिवेटेड रोड की डीपीआर तैयार करने के लिए सलाहकार कंपनी का चयन हुआ। फरवरी माह में सलाहकार कंपनी ने सर्वे के बाद पाया कि एलिवेटेड रोड बनाने में जरीब चौकी, गुमटी, अफीमकोठी, टाटमिल जैसे स्थानों पर जगह कम होने की दिक्कत है।
इसके साथ ही सीओडी रेलवे ओवरब्रिज भी योजना में अड़ंगा बन सकता है। संकरे स्थानों से एलिवेटेड रोड को गुजारने के लिए पीडब्ल्यूडी को भूमि अधिग्रहण करना पड़ सकता है। एनएच पीडब्ल्यूडी ने योजना को धरातल पर उतारने के लिए करीब 50 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने की तैयारी की है। इसके लिए 66 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भी बनाया गया है। हालांकि अभी भूमि का चिह्नांकन नहीं किया गया है। डीपीआर तैयार होने के बाद नीति आयोग से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने पर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
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