अमरोहा: दरोगा के भाई की हत्या के मामले में दोषी को उम्रकैद
अमरोहा, अमृत विचार: दरोगा के भाई की हत्या के मामले में अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह घटना अमरोहा के नौगांवा रोड पर हुई थी। दरअसल संभल जिले के असमौली थाना क्षेत्र के गांव रुस्तमपुर नियावली निवासी स्व. भूदेव सिंह यूपी पुलिस में सिपाही थे। वह अपनी पत्नी निर्देश और बच्चों के साथ शहर में ही वासुदेव तीर्थ स्थल के पास फ्रेंड्स कॉलोनी में रहते थे। साल 2007 में उनके घर में डकैती हुई थी।
बदमाशों ने लूट का विरोध करने पर सिपाही भूदेव त्यागी को मारपीट कर घायल कर दिया था। बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। आश्रित कोटे से उनकी बेटी प्रतिमा त्यागी को यूपी पुलिस में दरोगा की नौकरी मिल गई थी। प्रतिमा त्यागी की तैनाती हापुड़ नगर थाने में चल रही है। यहां घर प्रतिमा त्यागी की मां निर्देश देवी व भाई अक्षय त्यागी रहते थे। जबकि, अरविंद नाम का एक व्यक्ति अपनी पत्नी रेनू और बच्चों के साथ उन्हीं के घर में किराये पर रहता था।
19 नवंबर 2020 की शाम अक्षय अचानक घर से लापता हो गया था। शक के आधार पर पुलिस ने अरविंद समेत तीन अन्य युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो अक्षय की हत्या करने का खुलासा हुआ। किरायेदार अरविंद की निशानदेही पर पुलिस ने उसका शव नौगांवा सादात रोड स्थित एक टाइल्स शोरूम के पीछे बने ट्यूबवेल के पास से बरामद किया था। रुपये के लेनदेन में अक्षय की गोली मारकर हत्या की गई थी। मामले में पुलिस ने अरविंद, उसकी पत्नी रेनू, मुशाहिद उर्फ भतीजा को गिरफ्तार किया था।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीय ईश्वर सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी कर रहे थे। गुरुवार को कोर्ट में मामले की आखिरी सुनवाई हुई। साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने अरविंद को दोषी ठहराया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। उधर, दोषी की पत्नी रेनू व मुशाहिद को अदालत ने दोषमुक्त करार दिया है।
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