रुद्रपुर: भवतिका हेल्थ केयर सेंटर की आड़ में चला रहा था ठगी का धंधा
मनोज आर्या, रुद्रपुर,अमृत विचार। फिल्मी स्टाइल का शौक रखने वाला साइबर ठगी का मुख्य सरगना दिल्ली के स्वरूप नगर में हेल्थ केयर सेंटर की आड़ में साइबर ठगी का धंधा करता था और उसके पीछे 11 राज्यों की पुलिस भी लगी हुई थी। बताया कि आरोपी के खिलाफ 11 राज्यों में साइबर ठगी के मुकदमे पंजीकृत हैं। इसके बाद यह माना जा रहा है कि शातिर साइबर अपराधी लोगों को मुनाफा का प्रलोभन देकर शिकार बनाता था।
कुमाऊं साइबर क्राइम थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि 90 लाख की धोखाधड़ी की तफ्तीश के दौरान जब साइबर सरगना को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। पता चला कि आरोपी महज स्नातक कर चुके हैं और बागपत में ही परिवार को छोड़कर स्वरूप नगर दिल्ली में भवतिका हेल्थ केयर सेंटर संचालित करता था।
वहीं उसने अपना साइबर ठगी का पूरा सिस्टम भी लगा रखा था। यहां तक की लोगों के उपचार के लिए नर्सिंग स्टाफ भी मुहैया कराता और ऑनलाइन ट्रेडिंग का धंधा बताकर लोगों को फंसाता था।
तफ्तीश में यह भी पता चला है कि उसके खिलाफ दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडू, यूपी, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ सहित 11 राज्यों में लाखों-करोड़ों की ठगी के मामले पंजीकृत हैं। साथ ही 11 राज्यों की पुलिस भी आरोपी की तलाश कर रही थी, लेकिन हर बार पुलिस को गच्चा देकर साइबर अपराधी बच निकलता था।
कई लोगों के नाम पर खोली फर्म-खाते
साइबर क्राइम की टीम की पूछताछ में यह पता चला कि जब आरोपी शिकार को फंसाता था, तब उसके डैशबोर्ड पर मुनाफा व ऑनलाइन ट्रेडिंग का कारोबार दिखाई देता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने कई लोगों के नाम से फर्जी फर्म बनाकर बैंकों में खाते खोले हैं। जिनका प्रयोग वह खुद भी करता था और नेटवर्क के सदस्यों को भी अहमदाबाद-गुजरात के खातों का प्रयोग करवाता था। सदस्यों को प्रत्येक खाते से 40 हजार से एक लाख तक की कमीशन भी देता था। जांच में पता चला कि कई राज्यों में भवतिका हेल्थ केयर के नाम पर धोखाधड़ी के कई मामले ऑनलाइन दर्ज किए गए।
मोबाइल व स्कैनर भी हुआ बरामद
कुमाऊं साइबर टीम ने जब दिल्ली के स्वरूप नगर स्थित हेल्थ केयर पर दबिश दी तो मौके से एक मोबाइल, छह चेक बुक, छह पास बुक, बैंक की चेक बुक, छह डेबिट कार्ड, 33 कई कंपनियों के सिम कार्ड, दो फर्जी मोहर, भुगतान के लिए कई क्यूआर स्कैनर बरामद किए गए।
अपराध का यह था तरीका
अभियुक्त द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रेडिंग बिजनेस का विज्ञापन प्रसारित कर लिंक के माध्यम से वाट्सअप ग्रुप में जोड़कर ऑनलाइन ट्रेडिंग करने और मोबाइल फोन में एक आवेदन डाउनलोड करता था। साथ ही नये शेयर के जारी होने वाले आईपीओ में तीन गुना तक का मुनाफा कमाने का झांसा देकर पैसा लगाने का प्रलोभन देता था। पहली चाल में वह शेयर का मुनाफा भी देता था और जब पीड़ित मोटी रकम डाल देता था तो खातों पैसा निकालकर लिंक को बंद कर देता था। यही कारण था कि हल्द्वानी के कारोबारी को भी आरोपी ने मुनाफा देकर धोखाधड़ी की थी।
