छत्तीसगढ़: कुएं में गिरी लकड़ी बनी कई मौतों की वजह, जहरीली गैस की चपेट में आने से 5 की गई जान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चाम्पा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के गांव किकिरदा में लंबे समय से ढके कुएं में उतरे पिता और दो बेटों समेत 5 लोगों की जहरीली गैस की वजह से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर बिर्रा पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके साथ ही एसडीआरएफ और एफएसएल की टीम को बुलाया गया। जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने पांचों शव कुएं से निकाले। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
बिलासपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला ने बताया कि ग्रामीणों के मुताबिक आज सुबह रामचंद्र जायसवाल (60) के कुएं में लकड़ी का टुकड़ा गिर गया था, जिसे निकालने के लिए वह कुएं में उतरे लेकिन बाहर नहीं निकल सके। उन्होंने बताया कि परिजनों ने पड़ोस के पटेल और चंद्रा परिवार से मदद मांगी, जिसके बाद रमेश पटेल (50), उनके बेटे जितेंद्र पटेल (25), एक अन्य बेटे राजेंद्र पटेल (20) और पड़ोसी टिकेश्वर चंद्रा (25) भी कुएं में उतर गए, लेकिन वे भी बाहर नहीं निकल पाए।
अधिकारी ने बताया कि परिवार के सदस्यों और अन्य ग्रामीणों से सूचना प्राप्त होने के बाद पुलिस दल को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) को भी घटनास्थल पर भेजा गया और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि आशंका है कि कुएं में जहरीली गैस के रिसाव के कारण सभी की मौत हुई। जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।
वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ''जांजगीर के ग्राम किकिरदा में कुएं की जहरीली गैस की चपेट में आने से पांच लोगों की दुःखद मौत की सूचना मिली। मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा करता हूं। हमारी सरकार पीड़ित परिजनों के हर संभव मदद के लिए तत्पर है। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।’’
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