सीतापुर: बैराजों से छोड़ा गया 4 लाख 98 हजार क्यूसेक पानी,नदियों का बढ़ा जलस्तर 

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Edited By Amrit Vichar
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 तहसीलदार ने मुनादी कराकर ग्रामीणों को अलर्ट रहने के दिए निर्देश 

सीतापुर,अमृत विचार। विकासखंड रेउसा इलाके में रविवार को हुयी मूसलाधार बारिश और तीनों बैराजों से छोड़े गये करीब पौने पांच लाख क्यूसेक पानी से गांजरी इलाके के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी है। घाघरा और शारदा नदियों के जलस्तर में तेजी से इजाफा होने लगा है। जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है और साथ ही प्रशासनिक अफसर लगातार भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाये हुये है। 

लगातार हो रही बारिश से गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रविवार देर शाम तीनों बैराजों बनबसा, शारदा और घाघरा बैराजों से छोड़े गये चार लाख अट्ठानवे हजार नौ सौ बयालीस क्यूसेक पानी शारदा और घाघरा नदियों में डिस्चार्ज किया गया है। जिसमे शारदा बैराज से 1,26229 क्यूसेक, घाघरा बैराज से 2,06553 क्यूसेक, बनबसा बैराज से 1,66160 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 

जानकारों की माने तो नदियों में छोड़ा गया पानी सोमवार देर रात गांजरी इलाके में प्रवेश करेगा। ग्रामीणों की माने तो सुबह तक नदियों के तटीय गांव पासिंनपुरवा, गातगीपुरवा, दुर्गापुरवा, गवढी बजहा गांवों में रास्तों पर पानी पहुंच सकता है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखकर लोग उच्च स्थान की ओर रुख करने लगे हैं। 

तहसीदार उमाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि पासिन पुरवा, चहलारी घाट पुल, निर्मलपुरवा, गवढी बजहा, मल्लापुर काशी पुर आदि गांवों का मौके पर जाकर जायजा लिया गया। बैराजो से पानी छूटने सें नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही। लोगो को अलर्ट रहने के लिए मुनादी कराई गई है। कटान रोकने के लिए ग्राम दुर्गापुरवा के पास सिंचाई विभाग से लगाई गई बोरियां कम मात्रा में लगी है, जिसे पर्याप्त मात्रा में लगाने को विभाग से कहा गया है।

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