बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं
उन्नाव जिले में बुधवार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बस और टैंकर की टक्कर में 18 लोगों की मौत हो गई और 19 घायल हो गए। इससे पहले मंगलवार को दिल्ली से सिवान जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, इसमें पांच यात्रियों की मौत हो गई। इस प्रकार दो दिनों में दो भीषण हादसों ने लोगों को दहला दिया है। आए दिन सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाएं महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। सड़क हादसे गंभीर चिंता का विषय है। अर्थव्यवस्था की गति को रफ्तार देती सड़कें देश के विकास एजेंडे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विश्व बैंक के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं से भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रत्येक वर्ष सकल घरेलू उत्पाद का तीन से पांच प्रतिशत नुकसान होता है। रोड सेफ्टी सेल की रिपोर्ट के मुताबिक अकेले उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 में 41 हजार से अधिक सड़क़ हादसे हुए। इनमें 22 हजार 595 लोगों की मौत हुई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सड़क यातायात से होने वाली मौतों और क्षति को 2030 तक कम-से-कम 50 प्रतिशत रोकने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ ‘वैश्विक सड़क सुरक्षा में सुधार’ का संकल्प अपनाया।
इस पर भारत ने भी हस्ताक्षर किए हैं। इसके अनुरूप विश्व के 108 देश अब तक सड़क दुर्घटनाओं में दस प्रतिशत कमी लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके विपरीत भारत में सड़क दुर्टनाएं प्रति वर्ष दस प्रतिशत की दर से बढ़ रही हैं। प्रतिवर्ष सड़कों पर वाहनों की बढ़ोतरी, शून्य फिटनेस और जुगाड़ से चलते वाहन देश में चुनौती बन चुके हैं। शिवहर (बिहार) से सवारी लेकर चली इस दुर्घटनाग्रस्त बस के बारे में भी इसी तरह की जानकारी मिल रही है।
केंद्र सरकार ने बीते वर्ष मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन कर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से इसके प्रावधानों को कठोर बनाने का प्रयास किया था। साथ ही वाहन सुरक्षा के लिए नए इंजीनियरिंग मानक लागू किए गए थे। इसके बावजूद सड़क सुरक्षा का जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है। यह इस ओर संकेत करता है कि भारत के कानून प्रवर्तन तंत्र में कहीं-न-कहीं कमी विद्यमान है। कानून प्रवर्तन के लिए ज़िम्मेदार राज्य सरकारें इस ओर उदासीन बनी हुई हैं।
ऐसी दुर्घटनाओं में लोगों की मौतों को रोकने के उपाय जरूर किए जाएं। आवश्यक है कि लोगों के व्यवहार में परिवर्तन का प्रयास किया जाए। दुर्घटना के पश्चात तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराना और पीड़ित को जल्द-से-जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करना कई लोगों की जान बचा सकता है। आम लोगों को इस कार्य के प्रति जागरूक किया जाए। लोगों को शराब पीकर गाड़ी न चलाने के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।
