रायबरेली: बेटी को न्याय दिलाने के लिए पांच महीने से पिता लगा रह थाने का चक्कर, लेकिन नहीं हो रही सुनवाई, जानें पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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खीरों/रायबरेली,अमृत विचार। सरकार ने 1 जुलाई से भले ही नए कानून लागू कर महिलाओं, युवतियों और किशोरियों से संबंधित अपराधों पर कड़ी कार्रवाई का प्राविधान किया हो, लेकिन शायद यह नए कानून खीरों थाने में लागू नहीं होते। जहां आज भी महिलाओं से संबंधित होने वाले अपराधों में पीड़िताओं को न्याय के बदले इस तरह से फटकार मिलती है जैसे कि पीड़िता खुद अपराधी हो।

ऐसा ही एक लव जेहाद का मामला प्रकाश में आया है। जिसमें पीड़िता द्वारा आत्महत्या करने के मामले में उसे न्याय दिलाने लिए उसका पिता करीब 5 महीने से थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन न्याय के बजाय उसे आजतक दुत्कार ही मिल रही है। खीरों क्षेत्र के एक गांव की और कस्बा खीरों के एक इंटर कालेज की कक्षा 11 की छात्रा को दूसरे समुदाय के युवक ने जानू मिश्रा बनकर अपने प्रेमजाल में फंसा लिया।

विगत 29 जनवरी को छात्रा की पंद्रह वर्षीय बहन के साथ कथित जानू मिश्रा किशोरी सहित दोनों बहनों को बहला फुसलाकर भगा कर ले जा रहा था। जिसकी जानकारी होने पर पिता ने दोनों को पकड़ लिया। घर पहुंची किशोरों को जब हकीकत पता चली तो उसने फंदा लगाकर सुसाइड का ली। घटना के बाद से मृतका का पिता आरोपी युवक के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाने के चक्कर लगा रहा था, लेकिन थानाध्यक्ष ने उसे फटकार कर   थाने से भगा दिया। जिसके बाद मृतका के पिता ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। 

सोलह वर्षीय मृतका किशोरी के पिता ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि कस्बा खीरों के एक इंटर कालेज में उसकी सोलह वर्षीय बड़ी बेटी कक्षा 11 और छोटी बेटी कक्षा 8 की छात्रा थी। दूसरे समुदाय का युवक जानू मिश्रा बनकर उसकी बड़ी बेटी से स्कूल आते जाते बात करने लगा। विगत 29 जनवरी को उसकी दोनों बेटियां खीरों गई थी। आरोपित ने उसकी दोनों नाबालिग बेटियों को बहला फुसलाकर बाइक पर बैठाकर भगाकर ले जा रहा था। इसकी जानकारी होने पर उसने उन्नाव जिले के थाना क्षेत्र बिहार के गांव जलिमगंज के पेट्रोल पंप के पास पकड़ लिया और बेटियों को लेकर घर आ गया। 

इसके बाद जब उसकी बेटी को लड़के की हकीकत पता चली तो वह एक फरवरी को फंदा लगाकर जान दे दी। जब वह प्रार्थना पत्र लेकर थाने पहुंचा तो थानाध्यक्ष ने डॉट फटकार कर उसे थाने से भगा दिया। इस तरह वह लगातार लगभग छह महीने से थाने के चक्कर लगा रहा है।  पीड़ित पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपित के परिजन उसके परिवार को जान से मारने की यह कहते हुए धमकी दे रहे हैं कि उन्होंने थाने की पुलिस को खरीद लिया है। जिसके बाद पीड़ित पिता एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई बल्कि थानाध्यक्ष ने उसे थाने बुलाकर जमकर डाटा। वह सोमवार को फिर एसपी की चौखट पर न्याय की गुहार लगाने पहुंच गया। थानाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि पीड़ित के शिकायती पत्र के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

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