बरेली: ड्रोन से खेतों में छिड़काव करेंगी महिला समूह, महिलाओं को कृषि क्षेत्र में दिया जाएगा लाइसेंस
सुरेश पाण्डेय, बरेली। महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने अब कृषि क्षेत्र में भी ड्रोन के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण देकर खेतों में दवा का छिड़काव कराएगी। इससे कम समय में खेतों में दवा का छिड़काव हो जाएगा और महिला समूह की आय भी बढ़ेगी।
सहकारिता मंत्रालय के सहकार से समृद्धि के दृष्टिकोण को अमलीजामा पहनाने में प्रदेश का सहकारिता विभाग भी सक्रिय है। इसी के तहत सहकारिता विभाग ने ड्रोन के जरिए किसानों को कम समय में खेतों में दवा छिड़काव की योजना बनाई है। अभी बड़े खेतों में दवा और खाद का छिड़काव करने में किसान को कई दिन लग जाते हैं लेकिन अब यह काम कुछ देर में ही हो जाएगा।
संयुक्त रजिस्ट्रार राजेश कुमार ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव का काम महिला समूहों को ही दिया जाएगा। इसके लिए समूह की दो महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। लखनऊ में यह प्रशिक्षण होगा। एक एकड़ खेत के लिए ड्रोन से कितनी राशि किसानों से ली जाएगी इसका मसौदा तैयार हो रहा है, लेकिन यह राशि बहुत कम ही रखी जाएगी ताकि छोटा किसान भी इसे वहन कर सके। बड़े किसानों के बड़े खेतों के साथ उनके आसपास के छोटे किसान भी इसका लाभ ले सकेंगे।
गन्ने की फसल बड़ी होने के बाद इसकी धारदार पत्तियों के बीच से गुजरते हुए दवा का छिड़काव करना किसान के लिए मुश्किल होता है। पीलीभीत के तराई क्षेत्र में गन्ने की फसल में जंगली जानवर भी बैठे रहते हैं। ऐसे में दवा छिड़काव करने में किसान को भय बना रहता है लेकिन ड्रोन से दवा और खाद के छिड़काव से ये दिक्कतें दूर हो जाएंगी।
उन्होंने बताया कि निजी व्यक्ति भी ड्रोन का लाइसेंस ले सकेंगे लेकिन यह लाइसेंस नागरिक उड्डयन मंत्रालय से लेना होगा। इसके पहले व्यक्ति की पूरी पड़ताल की जाएगी। सरकार हर किसी को ड्रोन का लाइसेंस नहीं देगी। बहेड़ी में ड्रोन से गन्ना किसानों के खेत में छिड़काव का ट्रायल किया जा चुका है। अब इसका पालन कराया जाएगा और इसी वित्तीय वर्ष से ड्रोन से खेतों में दवा और खाद का छिड़काव शुरू हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकार चाहती है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए। खेतों में धान लगाने का काम काफी संख्या में महिलाएं ही करती हैं। इसलिए स्वयं सहायता समूहों को ही यह काम दिया जाएगा, ताकि समूह के जरिए महिलाओं की आय भी बढ़ सके। इससे भी कृषि क्षेत्र में भी बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि 20 से 25 एकड़ खेत में ड्रोन से दवा और खाद का छिड़काव 10 से 15 मिनट में ही हो जाएगा। अभी इतने क्षेत्रफल के खेत में छिड़काव करने में किसान को कई दिन लग जाते हैं।
