बरेली: मौत के बाद पांच साल बढ़ा दी कोरोना संक्रमित की उम्र
बरेली, अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमितों के साथ लापरवाही के तमाम मामले सामने आए हैं। इस बार एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें एक संक्रमित की मौत के तीन दिन बाद अचानक शासन ने जानकारी मांग ली। इसके बाद आनन-फानन में रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई। शासन को रिपोर्ट भेजने के चक्कर …
बरेली, अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमितों के साथ लापरवाही के तमाम मामले सामने आए हैं। इस बार एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें एक संक्रमित की मौत के तीन दिन बाद अचानक शासन ने जानकारी मांग ली। इसके बाद आनन-फानन में रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई। शासन को रिपोर्ट भेजने के चक्कर में स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित की मौत के बाद उम्र पांच साल बढ़ा दी और मोबाइल नंबर, और एंटीजन की जांच की जानकारी को सही से तैयार करना भूल गया। रिपोर्ट देखने के बाद शासन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई।
फरीदपुर के सिमरा बेनीपुर निवासी एक 35 वर्षीय युवक की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां युवक एंटीजन टेस्ट में संक्रमित निकला। इसके बाद उसे 6 अक्टूबर की रात में साढ़े दस बजे कोविड एल-3 अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब पांच घंटे तक आक्सीजन पर रहने के बाद 7 अक्टूबर को सुबह सवा पांच बजे उसकी मौत हो गई।
युवक की मौत के बाद परिजनों को उसका शव सौंप दिया गया। परिजनों की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई तो जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी इस मौत पर चुप्पी साधकर न जिला स्तर पर जारी की जाने वाली विज्ञप्ति में युवक की मौत की जानकारी साझा की गई और न पोर्टल पर इसे अपडेट किया गया।
ऐसे खुल गई पोल
कोविड एल-3 द्वारा सूचना चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग के वाट्सएप ग्रुप पर डेथ समरी डाल दी गई। इसके तीन दिन बाद तक जब स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मृत्यु की कोई सुध नहीं ली गई, तो शासन स्तर से सीएमओ से इसकी जानकारी मांगी गई। इसके बाद तत्काल नई डेथ समरी बनाई गई और शासन को भेजी गई। इसके अलावा पोर्टल पर सूचना भी अपलोड की गई, जिसमें एक नहीं कई गलतियां कर दीं। पोर्टल पर एंटीजन टेस्ट की रिपेार्ट तीन दिन बाद आना दर्शाया गया है। जबकि युवक की मौत के बाद उम्र पांच साल बढ़ा दी गई और मोबाइल नंबर गलत चढ़ा दिया गया।
“जिले में कोविड को लेकर हो रही हर गतिविधि की जानकारी शासन को भेजी जा रही है। युवक की मौत की जानकारी पोर्टल पर चढ़ने से रह गई थी। शासन से जब जानकारी मांगी गई तो उसे भी अपडेट कर दिया गया हैं।”— डा. विनीत कुमार शुक्ला, सीएमओ
