मुफ्त वैक्सीन

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Edited By Amrit Vichar
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बिहार चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा ने कोरोना की नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराने की जो घोषणा की है, उसे सिर्फ शिगूफा कहा जाए तो बेहतर होगा। ठीक उसी तरह अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव में उतरे डोनाल्ड ट्रंप ने भी सारे अमेरिकी को नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराने का ऐलान कर दिया है। …

बिहार चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा ने कोरोना की नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराने की जो घोषणा की है, उसे सिर्फ शिगूफा कहा जाए तो बेहतर होगा। ठीक उसी तरह अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव में उतरे डोनाल्ड ट्रंप ने भी सारे अमेरिकी को नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराने का ऐलान कर दिया है। सवाल यह है कि कोरोना की वैक्सीन जब अभी तक बन भी नहीं पाई है और उसके परीक्षण की प्रक्रिया लगातार चल ही रही है, उससे पहले ही इस तरह की घोषणाओं का क्या औचित्य है?

ताज्जुब यह है कि डब्ल्यूएचओ और कई विशेषज्ञ लगातार इस बात के संकेत कर रहे हैं कि कोरोना की वैक्सीन बन पाना आसान नहीं है। अगर बन भी जाती है तो जिस तरह से कोरोना वायरस अपने रूप बदल रहा है, उस लिहाज से जरूरी नहीं कि निर्मित हो जाने वाली वैक्सीन कारगर हो भी सकेगी। फिर भी नेताओं ने वैक्सीन को अपनी वोट-लुभाऊ सियासत का हिस्सा ऐसे बना लिया है जैसे वह कोई खैरात बांटने जा रहे हों। दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब कोरोना जैसे घातक वायरस से पूरा विश्व संकट में है और लोगों की जान पर बीत रही है, ऐसे में वायरस से जान बचाने का जरिया वैक्सीन को भी नेताओं ने अपने स्वार्थ की राजनीति का हिस्सा बना लिया है।

अहम पहलू यह है कि कोरोना वैक्सीन सिर्फ बिहारवालों के लिए ही नि:शुल्क क्यों दी जाएगी? दूसरे राज्य वाले भी तो यह सवाल कर सकते हैं कि जब बिहार को नि:शुल्क तो फिर उनको वैक्सीन पैसे खर्च करके क्यों दी जाएगी? जाहिर है कि जवाब एक ही है, क्योंकि बिहार में चुनाव हो रहे हैं और वहां के लोगों को वोट डालना है, इसलिए यह घोषणा की गई है। चुनाव से पहले वोटरों को लुभाने के लिए हर लोकतंत्र के महापर्व के दौरान बड़े-बड़े वायदे किए जाते हैं। लोकलुभावन इन वायदों के झांसे में आकर वोटर मतदान कर सकते हैं, लेकिन वायदे के अनुसार मुफ्त रियायतें मिल ही जाएंगी, यह जरूरी नहीं है।

कोरोना वैक्सीन जब बनेगी, तब बनेगी। जाहिर है कि पूरे देश के हर व्यक्ति तक वैक्सीन पहुंचाना आसान नहीं होगा, क्योंकि कम समय में ज्यादा उत्पाद संभव नहीं। चूंकि इस पर खर्च भी काफी होगा, इसलिए ऐसा अनुमान है कि वैक्सीन को काफी कीमत पर बेचा जाएगा और वैसे भी सरकार कह चुकी है कि सबसे पहले वैक्सीन कोरोना वॉरियर्स को दी जाएगी। जाहिर है कि सारे कोरोना वॉरियर्स तक वैक्सीन पहुंचाने में ही काफी वक्त लगेगा। ऐसे में, बिहार वालों को नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराने की घोषणा भाजपा कब तक पूरा कर पाएगी, इसकी कोई समय सीमा नहीं है। हो सकता है कि नि:शुल्क के इंतजार में बिहार वालों का नंबर सबसे बाद में ही आए।