बरेली: झूठा मुकदमा लिखाने में महिला फंसी...मुकदमा दर्ज करने का आदेश, आरोपी बरी
विधि संवाददाता, बरेली। 9 वर्ष पूर्व पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में प्रेमनगर के मोहल्ला शाहबाद निवासी विक्की और फैसल को झूठा फंसाने के मामले में आरोपी रुकसाना को दोषी पाते हुए स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कोर्ट कुमार मंयक ने महिला के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया है।
सरकारी वकील सुभव कुमार मिश्रा के अनुसार रूकसाना ने थाना बारादरी में तहरीर देकर बताया कि 24 जुलाई 2015 को सुबह घर पर फैसल और उसके साथ चार पांच लोग आए और उसकी लड़की को जबरन कहीं ले गए। काफी तलाशने पर लड़की नहीं मिली। इस बात की शिकायत फैसल के पिता अजीम से की तो झगड़ा करने। विरोध करने पर गाली गलौज की। पुलिस ने मामले में पाॅक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट भेजा था। वहीं, अदालत में अपने बयान से वादिनी मुकर गई थी।
पीड़िता ने भी कथानक का समर्थन नहीं किया था। पीड़िता ने बयान में कबूला कि घटना के समय वह बालिग थी। उसे फैसल और विक्की बहलाकर नहीं ले गए थे। लोगों के बहकावे में आकर उसकी मां ने थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी। उसने फैसल से निकाह कर लिया है। वह उसी के साथ रहती है। उसके दो बच्चे हैं। झूठी सूचना देने पर वादिनी के विरुद्ध अदालत ने 22 पाॅक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इसमें वादिनी को 6 माह कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है।
