गोंडा: शिक्षामित्रों ने बैठक कर दिवंगत साथियों को दी श्रद्धांजलि, बोले अवधेश-कमेटी के प्रस्तावों को लागू करे सरकार
गोंडा, अमृत विचार। समायोजन निरस्त होने की बरसी पर बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने जिला पंचायत के टिन शेड मे संगठन की बैठक की और इस फैसले से आहत होकर अपनी जान गंवाने वाले शिक्षामित्रों के सम्मान में शोकसभा का आयोजन कर उन्हे श्रद्धांजलि दी। बैठक के दौरान शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश मणि मिश्रा ने कहा कि शिक्षामित्रों की समस्या निस्तारण के लिए 14 नवंबर 2023 को एक कमेटी का गठन किया गया था ।
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भी सरकार को सौंप दी थी लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद यह रिपोर्ट लागू नहीं हो सकी। उन्होने सरकार से कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की है। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अवधेश मणि मिश्रा ने कहा कि 23 वर्षो से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्र जो कि स्नातक व बीटीसी उत्तीर्ण है, महंगाई के इस दौर में भी उन्हे महज ₹10 हजार को मानदेय पर काम करना पड़ रहा है। मानदेय भी 11 माह का ही मिल रहा है, जिससे शिक्षामित्रों के परिवार का पालन-पोषण नहीं हो पा रहा है। इस कारण उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र आर्थिक एवं मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या जैसे प्राणघातक कदम उठा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला ने कहा कि शिक्षामित्रों की समस्या को समाधान के लिए 14 नवंबर 2023 को प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा के निर्देशन व निदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने कई बैठक करने के उपरांत अपना प्रस्ताव शासन को भेजा था। लेकिन आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण यह प्रस्ताव वहीं अटका हुआ है।
उन्होने कमेटी के प्रस्तावों को तत्काल लागू किए जाने की मांग की है। शिक्षामित्रों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सिटी को सौंपा। इस मौके पर शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय , प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनय कुमार तिवारी , उमाशंकर सिंह, शिक्षामित्र संघ के महामंत्री शिवमूर्ति पाण्डेय, जिला मंत्री अभिमन्यु मिश्र सुनील कुमार सिंह व मंडल अध्यक्ष रामलाल साहू समेत अन्य मौजूद रहे।
कमेटी की रिपोर्ट में इन बिंदुओं को किया गया है शामिल
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला का कहना है कि कमेटी ने जो रिपोर्ट सरकार को सौंपी हैं उसमें नई शिक्षा नीति में शिक्षामित्रों को स्थाई करते हुए नियमित वेतनमान दिए जाने, वर्तमान महंगाई को देखते हुए नियमितीकरण होने तक अन्य राज्यों ( राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, बिहार ) की भांति शिक्षामित्रों को वेतन/ मानदेय देने, मूल विद्यालय से वंचित शिक्षामित्रों को पुनः मूल विद्यालय या उनके ग्राम पंचायत के अन्य विद्यालय में समायोजित करने की अनुमति प्रदान करने,महिला शिक्षामित्र को विवाह के बाद उनकी ससुराल के जनपद में समायोजित करने, शिक्षामित्रों को ईपीएफ योजना में शामिल करने, आयुष्मान योजना में शामिल करते हुए मेडिकल सुविधा प्रदान किए जाने व मृतक शिक्षामित्रों के परिवार आर्थिक सहायता देते हुए परिवार के एक सदस्य को समायोजित किए जाने की बात कही गयी है।
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