संभलने का वक्त
कोरोना महामारी को लेकर यह राहत भरी बात जरूर है कि देश में पिछले घंटों में वायरस के 36 हजार नए मामले सामने आए हैं। जुलाई माह के बाद देश में पहली बार एक दिन में कोरोना के यह सबसे कम मामले हैं। मगर यहीं से उस गंभीर वक्त की शुरुआत भी हो रही है …
कोरोना महामारी को लेकर यह राहत भरी बात जरूर है कि देश में पिछले घंटों में वायरस के 36 हजार नए मामले सामने आए हैं। जुलाई माह के बाद देश में पहली बार एक दिन में कोरोना के यह सबसे कम मामले हैं। मगर यहीं से उस गंभीर वक्त की शुरुआत भी हो रही है जहां पर अगर लापरवाही बरती गई तो संक्रमण की स्थिति खराब हो सकती है। हमें यह नहीं भूलना है कि एक चरण में संक्रमण की संख्या लगातार गिरने के बाद अमेरिका समेत तमाम देशों में वायरस फिर बहुत तेजी से फैल रहा है, साथ यह तथ्य भी सामने आया है कि त्योहारी सीजन में कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल समेत दिल्ली में भी मामलों में वृद्धि हुई है।
यानी कहीं न कहीं लोग लापरवाही की तरफ बढ़ रहे हैं। यह समय सर्द मौसम का है सो अलग, इसीलिए कहा जा रहा है कि कोरोना को लेकर यह वक्त बेहद सतर्कता और संभलने का है। अगर एक तरफ इस बात का संतोष है कि देश में मृत्यु दर 1.5 प्रतिशत और रिकवरी दर 90.62 प्रतिशत हो गई है तो दूसरी तरफ कोरोना को लेकर एक निश्चिंतता और खुशफहमी जरूर चिंता का विषय है। कोरोना से मौत की दर भले ही कम हो गई है, मगर यह भूलने वाली बात नहीं है कि यह वायरस जानलेवा और अब भी तमाम लोगों की मौत का कारण बन रहा है। हालांकि देश में स्वस्थ होने वालों की संख्या 72 लाख से ज्यादा हो चुकी है जो कि विश्व में सबसे अधिक है।
कहीं न कहीं संकेत राहत की तरफ तो हैं, मगर यही समय लोगों को यह समझने का है कि अगर कोरोना के मामले अब कम हो रहे हैं तो यह सरकार की सख्ती के साथ ही लोगों का सहयोग और उनकी सावधानी भी है, वक्त महत्वपूर्ण इसलिए है कि अब तक बरती गई सावधानी को आगे बरकरार नहीं रखा गया तो सारी मेहनत बेकार हो सकती है। कोरोना संक्रमण को लेकर वैक्सीन के साथ ही दवाओं पर भी काम हो रहा है, मगर जब तक कोई भी कारगर उपाय सामने नहीं आता है, केवल सावधानी ही बचाव का तरीका है।
135 करोड़ की विशाल जनसंख्या वाले हमारे देश ने कोरोना का अब तक शानदार ढंग से मुकाबला किया है, जरूरत इसी जज्बे को आगे भी बनाए रखने की है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जब जुलाई के बाद अब तक सबसे कम कोरोना संक्रमण के आंकड़े जारी किए तो यह राहत के साथ ही इस बात का भी संकेत है कि चीजें संभल रही हैं, मगर सावधानी जरूरी है। कोरोना संक्रमण रोकने को लेकर सरकार के अब तक के प्रयासों की भी सराहना ही की जानी चाहिए कि समयबद्ध ढंग से किए गए लाॅकडाउन और तमाम जरूरी उपायों के साथ ही इस पर काबू पाने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं।
