Unnao: सरकार की लुटिया डुबो रहे विद्युत अधिकारी-कर्मचारी...लगातार जारी रहता है अघोषित विद्युत कटौती का सिलसिला

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Edited By Amrit Vichar
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उन्नाव में अघोषित विद्युत कटौती का सिलसिला जारी है

उन्नाव, अमृत विचार। विद्युत अधिकारी व कर्मचारी प्रदेश सरकार के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं। रोस्टर जारी होने के बाद भी कस्बाई व ग्रामीण इलाकों को तय घंटे बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे विद्युत उपभोक्ताओं ने आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 

इन उमस वाली गर्मी ने लोगों की रातों की नींद व दिन का चैन छीन रखा है। विद्युत उपकेंद्रों से रोस्टर के तहत तय समय तक कटौती जारी रखी जाती है। इसके अलावा भी काफी-काफी समय के लिए अघोषित कटौती का सिलसिला जारी रहता है। 

इससे घरों में लगे पंखे व कूलर आदि शोपीस बने रहते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि दिन तो किसी तरह बीत जाता है, लेकिन रात के समय बिना बिजली के गर्मी के साथ मच्छरों का प्रकोप आंखों से नींद दूर किए रहता है। 

महंगा डीजल समाप्त कर देता है मुनाफा 

अघोषित विद्युत कटौती ने बिजली आधारित कारोबारियों की मुसीबत बढ़ा रखी है। जहां ठंढ़ी न होने से दुकानदारों को कोल्ड ड्रिंक का खरीदा हुए स्टाक खतम करना मुश्किल हो रहा है। वहीं चक्की, स्पेलर व रोलिंग-शटर का काम करने वाले भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने को मजबूर होते है। 

कारोबारियों के मुताबिक समय पर आर्डर पूरे न करने पर ग्राहक टूटने का भय बना रहता है, जबकि जनरेटर या पंपिंगसेट इस्तेमाल करने पर महंगा डीजल खरीदने से मुनाफा मर जाता है। विद्युत विभाग आपूर्ति न देने के बाद भी तय समय पर बिल भेजकर विद्युत कर्मी कनेक्शन काटने को खड़े हो जाते हैं। 

अंधेरा होते ही बंद करनी पड़ती दुकान 

शाम होते ही विद्युत आपूर्ति ठप रहते दुकानदारों को ताला लगाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जनरेटर इस्तेमाल करने पर आसपास के लोगों को शोर व धुएं से परेशानी होती है, जिससे झगड़े का अंदेशा बना रहता है। 

वहीं अधाधुंध कटौती से इंवर्टर चाजे नहीं हो पाते हैं, जिससे अंधेरे में ग्राहक निपटाना संभव न होने से दुकान बंद करने को मजबूर होना पड़ता है। कारोबारियों के मुताबिक बार-बार पूरी तरह से डिस्चार्ज होने से बैट्रा भी बहुत जल्दी बदलाना पड़ता है। इसलिए इंवर्टर के इस्तेमाल से तौबा करनी पड़ती है। 

इस तरह तय है रोस्टर 

सरकार के निर्देश पर शासन ने जिला मुख्यालय को 24, तहसील मुख्यालय को 21 घंटे और ग्रामीण इलाकों को प्रतिदिन 18 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का निर्देश जारी कर रखा है, लेकिन अधिकांश गांवों में बमुश्किल चार-छह घंटे ही आपूर्ति दी जा रही है। वहीं कस्बावासी 12-14 घंटे बिजली उपलब्ध होने की जानकारी देते हैं। 

बोले जिम्मेदार

बारिश और तेज हवाएं चलने के कारण इस समय बिजली व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है, बारिश के कारण जगह-जगह केबल दगने की समस्याएं हो रही हैं। बिजली कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि फाल्टों की तुरंत मरम्मत की जाये, दो-चार दिन के अंदर बिजली व्यवस्था सुचारू हो जाएगी।- सूर्योदय कुमार, एक्सईएन गोकुल बाबा सब स्टेशन, उन्नाव

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