मुरादाबाद : अपनी मर्जी...सील तोड़ हेल्थ केयर क्लीनिक किया संचालित, मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएमओ...जानिए फिर क्या हुआ?

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Edited By Amrit Vichar
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नायब तहसीलदार व पुलिस की मौजूदगी में 23 दिन के अंतराल में दोबारा की कार्रवाई,  क्लीनिक में ऑपरेशन थियेटर, पैथोलॉजी भी, सीएमओ कार्यालय में पंजीयन तक नहीं

सलमा नासिर हेल्थ केयर एवं पैथोलाॅजी लैब के शटर को गिराकर सील करते डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार।

मुरादाबाद। रोगियों के जीवन से खिलवाड़ करने वालों में कार्रवाई का कोई भय नहीं है, उनकी अपनी मर्जी है। जी हां, अभी 23 दिन पहले ही महानगर में कोहिनूर तिराहा पर रहमत नगर गली-4 में अवैध रूप से संचालित सलमा नासिर हेल्थ केयर एवं पैथोलॉजी लैब को डिप्टी सीएमओ ने सील किया था। यही नहीं, 19 जुलाई को मझोला थाने में आरोपियों के विरुद्ध इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट में मामला भी दर्ज कराया था। लेकिन, निडर संचालक ने पुरानी सील तोड़ दी और उसी भवन में फिर से रोगियों को भर्ती कर उपचार करने लगा था।

खबर मिलने पर गुरुवार को पुलिस व प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार को वहां चार रोगी भी भर्ती मिले हैं। डिप्टी सीएमओ ने इस क्लीनिक को दोबारा सील किया है और मझोला थाने में फिर दूसरी एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दी है।  इस कार्रवाई में डिप्टी सीएमओ के साथ ही नायब तहसीलदार पल्लवी और पुलिस बल भी मौजूद था।

उन्होंने बताया कि सलमा नासिर हेल्थ केयर एवं पैथोलॉजी का सीएमओ कार्यालय में कोई पंजीकरण नहीं है और न ही इनके द्वारा क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी कार्यालय से किसी तरह का पंजीकरण कराया गया है। हेल्थ केयर में कोई भी प्रशिक्षित चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ नहीं पाया गया है। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त को हुए निरीक्षण के समय भवन के बेसमेंट के ऊपरी तल पर चार रोगी भर्ती पाए गए हैं।

इससे पहले 16 जुलाई को किया था सील
डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस क्लीनिक के विरुद्ध काफी शिकायतें मिल रही थीं। जिस पर उन्होंने 16 जुलाई को निरीक्षण किया था। क्लीनिक में आरिफ पुत्र रियासत निवासी जयंतीपुर ब्लड सैंपल एकत्र करते मिला था। पूछताछ में उसने अपनी उम्र 18 वर्ष और 11वीं कक्षा का छात्र होना बताया था। क्लीनिक में मिली शना पुत्री यूनुस निवासी डींगरपुर ने अपने को खाना बनाने का कार्य करना बताया था। यहीं पर, स्वाले खां पुत्री मुखिया निवासी डींगरपुर ने अपनी शैक्षिक योग्यता बीएससी बताई थी। मौके पर मो. आसिम पुत्र भुल्लन भी मिला था। यह जयंतीपुर का निवासी है। इसने पूछताछ में बताया था कि वह हेल्थ केयर एवं पैथोलॉजी लैब में डीएमएलटी और लैब टेक्नीशियन का कार्य करता है। क्लीनिक में 8 बेड पाए गए थे। एक बेड एनआईसीयू, फिजियोथेरेपी मशीन एवं ओटी भी संचालित मिली थी। डिप्टी सीएमओ ने बातया कि उस दौरान भी स्टॉफ ने उन्हें सलमा नासिर को अस्पताल की संचालक बताया था। 

अवैध क्लीनिक में कराए जाते थे प्रसव
डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि 16 जुलाई को निरीक्षण के दौरान मौके पर पैथोलॉजी लैब संचालित होते मिली थी। इसमें एक लेटर पैड मिला था। इस लेटर हेड पर डॉ. मोहम्मद आसिम डीएमएलटी और डॉ. के. कुमार एमडी पैथोलॉजी के नाम अंकित हैं। हालांकि ये लोग डिप्टी सीएमओ को मौके पर मौजूद नहीं मिले थे। पैथोलॉजी में ब्लड कलेक्शन ट्यूब, माइक्रोस्कोप, सेन्ट्रीफ्यूज, ब्लड रोलर, सेल काउंटर, मॉनिटर आदि सामान भी मिला था। दो मरीज भी भर्ती थे। इनमें मुस्कान पत्नी शिवम सैनी, जो गर्भवती थी। वह 15 जुलाई को भर्ती हुई थी। इसने 16 जुलाई को दोपहर 3 बजे करीब बेटे को जन्म दिया था। दूसरी मरीज करिश्मा पत्नी दानिश निवासी पंडित नगला टाइफाइड होने की शिकायत पर भर्ती हुई थी।

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