बदायूं: कोर्ट का आदेश, जरीफनगर थानाध्यक्ष हाजिर हों...
कोर्ट के आदेश के बाद भी बिना सत्यापन कोर्ट में भेजे वाहन के प्रपत्र
सहसवान/बदायूं, अमृत विचार। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट दिव्य प्रताप सिंह निमेष ने जरीफनगर थानाध्यक्ष को 13 अगस्त को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। ऐसा न करने पर थानाध्यक्ष के खिलाफ न्यायालय के आदेश की अवहेलना की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नोटिस की एक प्रति एसएसपी को भी भेजी गई है।
कस्बा निवासी तपश चौहान पुत्र सत्यवीर सिंह ने कोर्ट में वाहन निमुक्ति प्रार्थना पत्र दिया था। जरीफनगर थानाध्यक्ष ने सत्यापन नहीं किया। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियमावली के नियम 203 क के अंतर्गत सत्यापन नहीं करने पर न्यायालय ने 18 जुलाई को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। इसके बाद भी थानाध्यक्ष ने स्पष्टीकरण नहीं दिया। तपश चौहान के वाहन के प्रपत्र बिना सत्यापन के न्यायालय को भेजे। जिसे न्यायालय द्वारा अत्यंत आपत्तिजनक मानकर थानाध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण का आदेश दिया गया है। अन्यथा की दिशा में उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई और कोर्ट के आदेश की अवमानना के तहत भी कार्रवाई अमल में लाए जाने की चेतावनी दी गई है। कोर्ट ने 13 अगस्त को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
