कासगंज: निजी चिकित्सको की हड़ताल से लड़खड़ा गई स्वास्थ्य सेवाएं, बड़ी मरीजो को परेशानियां
कासगंज, अमृत विचार। कोलकत्ता में महिला डाक्टर की दुष्कर्म के बाद की गई हत्या की घटना पर जिले में चिकित्सको में आक्रोश है। घटना के विरोध में मुख्यालय पर अस्पताल और क्लीनिको पर कामकाज बंद रहा। चिकित्सक हड़ताल पर रहे।चिकित्सको ने प्रदर्शन कर घटना के आरोपियों के विरुद्ध कडी से कडी कार्रवाई की मांग सरकार से की।
कोलकत्ता के आरजीकर मेडिकल कॉलेज में 8-9 अगस्त की रात ट्रेनी महिला डाक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई। जिससे पूरे भारत के सरकारी और गैर सरकारी चिकित्सको में खासा आक्रोश है। आईएमए के आहवान पर शनिवार सुबह छह बजे से रविवार सुबह छह बजे तक निजी चिकित्सक हॉस्पीटल, क्लीनिक, नर्सिंग होम बंद कर हड़ताल पर चले गए।सरकारी चिकित्सको ने पीएमएस के आहवान पर दूसरे दिन भी काली पटटी बांधकर विरोध जताया और चिकित्सको ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। बंगाल सरकार की कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाया। चिकित्सको की मांग थी चिकित्सको की हत्या और दुष्कर्म के मामले में आरोपियों के विरुद्ध कडी से कडी कार्रवाई की जाए। सरकार से मांग की चिकित्सक के आश्रितो को मुआवजा दिया जाए। दोषियों को फांसी की सजा दिलाई जाए।डा. नवीन चंद्र गौड, डा. राजकुमार माहेश्वरी, डा. प्रवीन अग्रवाल, डा. संदीप गुप्ता, डा. प्रवेश माहेश्वरी, डा. नीलम गौड, डा. अखिलेश गौड, डा. कविता जैन, डा. अरुण सक्सेना, डा. अजय गोविल, डा.मोहित जैन, डा. मृदुल जाजू. सहित शहर के सभी चिकित्सक मौजूद रहे।
कोलकाता में हुई महिला चिकित्सक के हत्या से पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। बंगाल सरकार चिकित्सक के हत्यारोपियों को फांसी की सजा दिलाए। चिकित्सक के परिवार को न्याय मिलना चाहिए। -डा.आशीष माहेश्वरी।
देश में चिकित्सको के साथ आए दिन हो रहे हमले। उनकी सुरक्षा के लिए घातक है। महिला चिकित्सक के साथ हुई घटना शर्मनाक है। ऐसी घटनाओ पर नियंत्रण लगाने के लिए कडे कानून बनाने चाहिए। -डा. संजय सक्सेना।
कोलकत्ता में महिला चिकित्सक के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की घटना के आरोपियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए। दुबारा इस तरह की हिमाकत न कर सके। सरकार इस मामले में पीडित परिवार को मुआवजा दे। -डा. सुरेंद्र गुप्ता।
बंगाल में महिला चिकित्सक के साथ हुई घटना ने देश भर के चिकित्सको को झकझोर कर रख दिया है।हत्यारो को फांसी की सजा दिलाई जाए। पीडित चिकित्सक के आश्रितो को सरकार द्वारा मुआवजा दिलाया जाए। -डा. अंजू यादव।
