प्रतापगढ़: गैरइरादतन हत्या के तीन दोषियों को 10 साल की जेल, 17,500 अर्थदण्ड

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Edited By Amrit Vichar
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प्रतापगढ़, अमृत विचार। अपर जनपद न्यायाधीश बाबूराम ने गैर इरादातन हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए करम शेर,अली शेर सुतगण मंजूर व वहाबुद्दीन निवासी तौकलपुर थाना मानधाता को दोषी पाते हुए प्रत्येक को 10 -10 वर्ष के कारावास व प्रत्येक को 17500 - 17500 रूपये अर्थदंड से दंडित किया।

उपरोक्त मुकदमे में अन्य आरोपी गण शेर अली व अब्दुल्ला उर्फ एकलाख की दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई। वादी मुकदमा मोमिना बानो ने कोर्ट को बताया कि अपने पुत्र फैयाज अहमद के साथ 28 जुलाई 2011 को देल्हूपुर बाजार से सामान खरीद कर शाम 4 बजे अपने गांव मोटरसाइकिल से आ रही थी।

तभी गांव के आधा किलोमीटर पहले नहर की पुलिया के पास पहले से ही घात लगाए बैठे शेर अली, अली शेर ,करम शेर अब्दुल्ला उर्फ एकलाख एवं वहाबुद्दीन अपने - अपने हाथों में लाठी डंडा लिए खड़े थे। जैसे ही मेरी मोटरसाइकिल पुलिया के पास से गुजरी तभी यह लोग  सामने आकर मोटरसाइकिल रोक कर मुझे वह मेरे लड़के फैयाज से अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

कहा कि तेरे कारण ही हम मकान कब्जा नहीं कर पा रहे हैं, तुम दोनों को जान से मार देंगे। यह कहते हुए सभी लोगों ने एक राय होकर मेरे पुत्र फैयाज अहमद को लाठी डंडा से पीटने लगे,वह जमीन पर गिर पड़ा। मेरे बेटे को करम अली ने लाठी से मारा जिससे उसका जबड़ा टूट गया, अली शेर ने उसके पैर पर लाठी से प्रहार किया ,अब्दुल्ला ने उसके हाथ में लाठी से मारा ,शेर अली व वहाबुद्दीन ने भी ने भी उसे मारा पीटा।

हम लोगों के शोर मचाने पर गांव के मोहम्मद जमा, मोहम्मद शमशाद तथा मेरे पति मोहम्मद इंद्रीश आ गए, तब अभियुक्त गण जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। हम लोग अपने पुत्र फैयाज  को स्वरूप रानी अस्पताल इलाहाबाद ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी अजय कुमार पांडेय ने की।

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