ठाकुरद्वारा दुष्कर्म मामला: डॉक्टर की निजी संपत्ति समेत तीनों मदरसे सील

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मुख्यमंत्री के मुरादाबाद आगमन से पहले जिला प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई

डिलारी/ ठाकुरद्वारा/ मुरादाबाद, अमृत विचार। ठाकुरद्वारा दुष्कर्म मामले के मुख्य आरोपी के पिता के संचालित तीन मदरसों समेत निजी संपत्ति को जिला प्रशासन सील कर दिया है। वहीं दो अन्य आरोपियों की निजी संपत्ति सील करने की तैयारी तेज कर दी है। जिले में मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस प्रशासन ने भी तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की फाइल तैयार अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के पास भेजी है। ऐसे में दो अन्य आरोपियों की निजी संपत्ति जब्त होने की संभावना बढ़ गई है।

एक सप्ताह पहले ठाकुरद्वारा में एबीएम अस्पताल के चिकित्सक शाहनवाज ने नर्स को बंधक बनाकर उसके साथ रातभर दुष्कर्म किया था। इसके बाद पुलिस ने डॉक्टर और उसके दो सहयोगियों को जेल भेज दिया था। पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन लगातार दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

वहीं शुक्रवार को डिलारी थाना क्षेत्र के जटपुरा गांव में स्थित तीन मदरसों समेत निजी संपत्ति की जांच कर उसे जिला प्रशासन और अल्पसंख्यक विभाग की टीम ने सील कर दिया है। कार्रवाई से पहले एसडीएम मनी अरोरा, तहसीलदार गोपाल सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रदीप कुमार, सीओ राजेश कुमार ने बारीकि से जांच की। मदरसों के अंदर छात्राओं के कपड़े, बिस्तर व पुस्तकें रखी मिलीं। वहीं अलमारी के अंदर एक बैंक की पासबुक मिली है। जिला प्रशासन की टीम ने जांच के बाद निजी संपत्ति समेत तीनों मदरसों की वीडियोग्राफी कराकर सील कर दिया। तीनों मदरसे मुख्य आरोपी डॉक्टर शाहनवाज के पिता के नाम से संचालित थे।

27 अगस्त को जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन ने अब घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों नर्स महनाज और वार्ड ब्वॉय जुनैद की भी निजी संपत्ति सील करने की तैयारी तेज कर दी है। वहीं पुलिस प्रशासन ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की फाइल तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

घटना के बाद से ही बंद पड़े थे मदरसे

तीनों मदरसे आरोपी चिकित्सक के पिता के नाम से संचालित थे। राजस्व रिकॉर्ड में अलग-अलग जगह दर्ज। जबकि मदरसा एक ही भवन से संचालित हो रहा था। जिला प्रशासन ने अनियमितता के चलते तत्काल प्रभाव से मदरसों को सील कर दिया। जानकारी के अनुसार, तीनों मदरसे घटना के बाद से ही बंद पड़े थे। फिलहाल परिजनों का भी कोई अता पता नहीं है।

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