हल्द्वानी: सीडीओ करेंगे जांच उपस्थिति रजिस्टर में साइन डॉक्टर के थे या वार्ड ब्वॉय के

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। मंडलायुक्त दीपक रावत ने शनिवार को मिनी स्टेडियम रोड स्थित कैंप कार्यालय में जन सुनवाई की। उन्होंने जमीनों से जुड़े कई मामले सुलझाए और कई में सभी पक्षों को तलब किया। साथ ही उन्होंने ओखलढूंगा पीएचसी में उपस्थिति रजिस्टर में डॉक्टर के साइन वार्ड ब्वॉय द्वारा करने के मामले में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को जांच सौंप दी है। 

मंडलायुक्त रावत ने बीते शुक्रवार को हैड़ाखान में ओखलढूंगा पीएचसी का औचक निरीक्षण किया था। इसमें सामने आया था कि डॉक्टर माह में सिर्फ दो-तीन दिन ही आते हैं, उनके साइन वार्ड ब्वॉय करता है। इसी तरह स्वच्छक भी सिर्फ सात-आठ दिन पहुंचती है, जबकि साइन पूरे माह करती है। इस पर मंडलायुक्त ने सीएमओ समेत अन्य को तलब किया था।

इसी क्रम में शनिवार को सीएमओ डॉ. हरीश चंद्र पंत, एमओआईसी डॉ. मर्तोलिया व डॉ. सोहित चंद्रा जनसुनवाई में पहुंचे। यहां एमओआईसी ने बताया कि डॉ. सोहित भीमताल सीएचसी से अटैच हैं। इस पर उन्होंने डॉक्टर का अटैच ऑर्डर मांगा तो कोई ऑर्डर नहीं दिखा सका। इसके अलावा जुलाई में उपस्थिति रजिस्टर पर पूरे माह के साइन थे, जबकि ओपीडी रजिस्टर में सिर्फ दो ही दिन एंट्री मिली थी। वह जून माह में भी ड्यूटी को पूरी तरह नहीं दर्शा सके।

डॉ. सोहित के बयानों से भी मंडलायुक्त संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने  मुख्य विकास अधिकारी अशोक पांडे व एक मेडिकल ऑफिसर को इस प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए है। कहा कि जुलाई माह की सीसीटीवी फुटेज, उपस्थिति रजिस्टर में साइन व डॉक्टर के साइन का भी मिलान एवं जांच की जाए। मंडलायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि जिले के सभी सीएचसी में बायोमैट्रिक से उपस्थिति ली जाए। साथ ही बेतालघाट व ओखलकांडा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर्स की तैनाती जरूर की जाए, ताकि आपदा में कनेक्टिविटी टूटने पर क्षेत्रवासियों को इलाज मिल सके।

इसके अलावा दूरस्थ क्षेत्रों की सीएचसी की साप्ताहिक निगरानी करने को भी कहा। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. पंत ने बताया कि जिले में 342 डॉक्टर होने चाहिए, लेकिन 99 डॉक्टरों की कमी हैं। वहीं, 20 पीचएसी में डॉक्टर नहीं है। इसके अलावा जनसुनवाई में भुवन गुणवंत निवासी रामगढ़ ने बताया कि रामगढ़ ब्लॉक में जल जीवन मिशन में जो नये काम हो रहे हैं, जल संस्थान पुरानी पाइप लाइनों से पानी जोड़ रहा है नई पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। इस पर मंडलायुक्त ने जेजेएम के ईई को तलब कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। इंटीरियर डिजाइनर अर्चना निवासी बजूनिया हल्दू ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र में दो भवनों का निर्माण किया, लेकिन 60 लाख की धनराशि भवन स्वामी ने नहीं दी है। मंडलायुक्त ने दोनों पक्षों को तलब किया। इस दौरान एसडीएम परितोष वर्मा, गौरव पांडे, रेखा कोहली, तहसीलदार सचिन कुमार आदि मौजूद रहे। 

क्रय करने के बाद भूमि का सीमांकन व चहारदीवारी जरूर बनाएं 
मंडलायुक्त दीपक रावत ने जनता से अपील करते हुए कहा कि लोग जमीन क्रय करने के बाद भूमि का सीमांकन व चहारदीवारी अवश्य कराएं। लोग भूमि क्रय कर लेते हैं, लेकिन सीमांकन व चहारदीवारी नहीं करने से कुछ वर्षों के बाद मौके पर भूमि उपलब्ध नहीं होती है। उक्त स्थान पर दूसरा व्यक्ति काबिज हो जाता है, इसलिए सभी इस प्रकार के कृत्य से बचने के लिए भूमि का सीमांकन अवश्य कराएं।    

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