Kanpur: लगभग उम्मीदें टूटी, चार दिन बाद भी डॉक्टर आदित्यवर्धन का नहीं लगा सुराग

Amrit Vichar Network
Published By Amrit Vichar
On

कानपुर, अमृत विचार। बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के नाना मऊ गंगा घाट पर शनिवार को स्नान को गए चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आदित्यवर्धन का पता चार दिन बाद भी नहीं लग सका। एनडीआरफ, एसडीआरएफ व पुलिस पीएसी की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रख रही हैं। लेकिन उनका चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा। 

उन्नाव जनपद में घटना होने के बाद एसडीआरएफ के कुछ जवान वापस लौट गए जबकि एनडीआरएफ की टीम अभी भी लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रखे है। चौथे दिन मंगलवार को एनडीआरएफ की टीम ने बिठूर से लेकर नानामऊ तक पूरे गंगा में चर्चा ऑपरेशन जारी रखा। लेकिन डॉक्टर आदित्यवर्धन का कोई सुराग नहीं लग सका। 

इसके बाद प्रशासन की ओर से ड्रोन कैमरे की निगरानी में सर्च ऑपरेशन जारी किया गया लेकिन उससे भी कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी है। उप जिलाधिकारी रश्मि लांबा ने बताया कि एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवान अपना भरसक पूरा प्रयास कर रहे हैं लेकिन सफलता उनके हाथ नहीं लग सकी है। 

बता दें कि शनिवार को स्नान करने आए तीन दोस्तों के साथ चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आदित्यवर्धन गंगा में डूब गए थे। जिसके बाद आज 4 दिन भी जाने के बाद भी उनका कोई पता नहीं लग सका है। इधर माता-पिता ऑस्ट्रेलिया से आकर बेटे की खोज में गंगा की तट पर शाम तक बैठे रहते हैं लेकिन उनको बेटे की झलक नहीं मिल पा रही है। 

पत्नी का ना आना रहा चर्चा में 

डॉ आदित्य वर्धन ने महाराष्ट्र में एडीजे पत्ते पर तैनात जज श्रेया मिश्रा से विवाह किया था। लेकिन घटना की चार दिन बीत जाने के बाद भी उनके ना आने का चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि स्थानीय लोगों ने बताया कि परिजनों से भी उनका कोई कांटेक्ट घटना के बाद से नहीं हो पाया है। यहां तक की यह भी अभी निश्चित नहीं है कि उनको मामले की जानकारी है या नहीं है। इधर कुछ पारिवारिक सूत्र बताते हैं कि डॉक्टर आदित्यवर्धन और पत्नी बीते कुछ वर्षों से मन मुटाव के चलते एक दूसरे के साथ नहीं रहते थे, जिसके चलते पत्नी घटनास्थल पर वह पैतृक गांव नहीं पहुंची।

यह भी पढ़ें- Kannauj: दो नाबालिगों समेत पांच लुटेरे गिरफ्तार, सड़क पर इस तरह बनाते थे लोगों को शिकार...

 

संबंधित समाचार