मुरादाबाद: किराएदारों को नहीं लगी दोहरे हत्याकांड की भनक

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मुरादाबाद,अमृत विचार। नागफनी थाना क्षेत्र के मोहल्ला किसरौल स्थित घनी आबादी के बीच हुए डबल मर्डर से जहां क्षेत्र में सनसनी फैल गई तो वहीं उसी मकान में रहने वाले अन्य किराएदारों को इसकी भनक भी नहीं लगी। सुबह जब एक युवक नजारत से मिलने आया तो किराएदारों ने दरवाजा खोला। बाद में नजारत की …

मुरादाबाद,अमृत विचार। नागफनी थाना क्षेत्र के मोहल्ला किसरौल स्थित घनी आबादी के बीच हुए डबल मर्डर से जहां क्षेत्र में सनसनी फैल गई तो वहीं उसी मकान में रहने वाले अन्य किराएदारों को इसकी भनक भी नहीं लगी। सुबह जब एक युवक नजारत से मिलने आया तो किराएदारों ने दरवाजा खोला। बाद में नजारत की तीसरे नंबर की बेटी माहीन का फोन आने पर वह लोग ऊपर गए।

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने जब किराएदार रजीउद्दीन और तबस्सुम उर्फ रिंकी से पूछताछ की तो उन्होंने वारदात की जानकारी होने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि उन्होंने किसी प्रकार की चीख-पुकार भी नहीं सुनी। रिंकी ने बताया कि वह अपने हिस्से के दरवाजे बंद करके सो गई थी। जबकि रजीउद्दीन का कहना था कि समरीन ने जब अंदर से दरवाजा बंद किया तो उनको जानकारी हुई, इसके बाद वह सो गए।

रोजमर्रा की तरह सुबह करीब पांच से छह बजे के बीच नजारत हुसैन बाहर नहीं आए तो उन्होंने सोचा कि सर्दी पड़ रही है, सो रहे होंगे। सुबह करीब आठ बजे एक युवक नजारत से मिलने आया। उसने जब मुख्य दरवाजा खटखटाया तो मैने नीचे आकर दरवाजा खोला। इसके बाद युवक उनके हिस्से में चला गया। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद जब कोई रेस्पांस नहीं मिला तो युवक ने वापस आकर बताया। जिस पर फोन मिलाने को कहा तो युवक ने बताया कि मोबाइल बंद हैं।

यह कहकर युवक चला गया। करीब दस बजे जब माहीन का फोन आया और उसने कहा कि अब्बू से बात करा दो, उनका फोन बंद हैं। इसके बाद उन्होंने भी दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई रेस्पांस नहीं मिला। बेटी माहीन समेत उसकी बहन शबनम और शाहनवाज को सूचना देकर उन्होंने मोहल्ले वालों को बुलाया। यह जानकारी होने के बाद पुलिस वह युवक भी शक के दायरे में आ गया, जो सुबह नजारत से मिलने आया था। जिसकी वजह है कि निर्मम हत्याकांड की जानकारी के बाद भी वह युवक कहीं नजर नहीं आया। पुलिस के अनुसार उस युवक की भी तलाश की जा रही हैं।

फफक कर रोया भाई, जताया संदेह
मुरादाबाद। दोहरे हत्याकांड की सूचना के बाद नजारत का बड़ा भाई असलम हुसैन अन्य भाइयों के साथ आ गया। असलम और छोटे भाई जावेद ने जब अंदर जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने रोक दिया। करीब एक घंटे बाद पुलिस जब दोनों के शव लेकर बाहर आई तो असलम फफक कर रोने लगा। पहले तो वह मृतक भाई का चेहरा देखने की जिद्द करने लगा। इंकार करने पर बोला कि वह एसएसपी से बात करेगा। किसी तरह लोगों ने समझाया तो वह पड़ोसियों पर ही शक जताने लगा। उसका कहना था कि बिना पड़ोसियों की छत का सहारा लिए बगैर कोई घर के अंदर नहीं जा सकता। जिस पर एसपी सिटी ने इस बिंदु पर जांच करने की बात कहकर उसे शांत कराया।

नौ साल पहले हुई थी दामाद की हत्या
मुरादाबाद। प्रापर्टी डीलर नजारत के दामाद करीब नौ साल पहले हत्या हुई थी। बताया जाता है कि इस हत्याकांड का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। नजारत की चार बेटियां थीं। जिसमें समरीन सबसे छोटी थी। मोहल्ले वालों के अनुसार नजारत के दामाद नासिर कुरैशी थे जो सपा नेता था। पार्टी के साथ ही समाज में भी उनकी खासी पकड़ थी। कुछ लोगों का नासिर से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। करीब नौ साल पहले नासिर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने मुरादाबाद जिले की सियासत में भूचाल ला दिया था। पार्टी के कुछ लोगों पर साजिश रचने के आरोप लगे थे। हालांकि कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला था। जिस कारण पुलिस संपत्ति विवाद में हत्या करने की बात मान रही थी। बताया जाता है कि महानगर के इस हाईप्रोफाइल मर्डर कांड का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। इस वारदात के बाद नासिर के परिजनों के नजारत से संबंध खराब हो गए थे। हालांकि बाद में सब सही हो गया था।

अब खुलासे में केवल सर्विलांस का सहारा
मुरादाबाद। काफी हाथ-पैर मारने के बाद कोई ठोस क्लू न मिलने पर पुलिस की आखिरी उम्मीद सर्विलांस पर आकर टिक गई है। घटनास्थल पर मोबाइल न मिलने के कारण पुलिस ने प्रापर्टी डीलर व उसकी बेटी के मोबाइल को सर्विलांस पर लगा दिया है। इसके अलावा पिछले कुछ समय से जिन लोगों से दोनों की बात हुई है, उसका रिकार्ड भी निकाला जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि काल डिटेल मिलने के बाद कोई ठोस क्लू जरूर मिल जाएगा।

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