Unnao: एआरटीओ कार्यालय में बाहरियों का बोलबाला, पीछे वाली खिड़कियों से हो रहा खेल, आवेदक परेशान, जिम्मेदार बोले ये...

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Edited By Amrit Vichar
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उन्नाव, अमृत विचार। सूबे के मुखिया व आलाधिकारी भले ही समय-समय पर भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का दावा करते रहते हों लेकिन, एआरटीओ (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी) कार्यालय में दशकों से चली आ रही भ्रष्टाचार की प्रथा बंद होने का नाम नहीं ले रही है। हालात यह हैं कि इस कार्यालय में अधिकारियों से लेकर बाबूओं तक के केबिन और महत्वपूर्ण फाइलों तक बाहरियों का दखल रहता है। हालांकि, जिम्मेदार अफसर विभाग में सब कुछ पाक साफ होने की सफाई देते रहते हैं। 

बता दें कि एआरटीओ कार्यालय में बाहरियों का प्रवेश रोकने के लिए कई बार निर्देश दिए जाते रहे हैं। पूर्व के अधिकारियों ने कई बार छापेमारी भी की और उन्हें यहां फैली अराजकता भी देखने को मिली लेकिन, बाद सब कुछ खानापूर्ति में निपट गया। मौजूदा हालात यह हैं कि इस विभाग में आम हो या खास किसी को भी अपना काम कराना होता है तो वह बिना बाहरियों के होना बेहद मुश्किल रहता है। 

अगर कोई उनके बिना काम कराने की बात कहता या प्रयास करता है तो उसे दिनों, हफ्तों यहां तक महीनों तक दौड़ाया जाता है। जिससे परेशान होकर वह अंत में बाहरियों की शरण लेकर अपना काम कराता है। इसी के चलते कार्यालय में अधिकारियों-कर्मचारियों के पहुंचने से पहले ही यह लोग पहुंच जाते हैं और अपनी दुकानें जमा लेते हैं।

बाबूओं के पटल से अधिक पीछे की खिड़कियों पर रहता है बाहरियों का जमावड़ा 
लोगों की माने तो कार्यालय के सामने साधारण लोगों के लिये बनी खिड़कियों से अधिक भवन के पीछे वाली खिड़की पर बाहरियों का देरशाम तक जमावड़ा लगा रहता है। जहां निर्धारित फीस के अलावा चढ़ावा चढ़ाने पर तत्काल काम हो जाता हैं। 

बोले जिम्मेदार… 

श्वेता वर्मा एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि भवन का निर्माण चल रहा है। पीछे कोई गुप्त कार्य थोड़ी चल रहा था। कमरों में टायल्स लग रहे हैं। तो कोई पीछे की खिड़की में आरआई या कोई अधिकारी कर्मचारी बैठा होगा। जो विभागीय कार्य कर रहा होगा। 

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