अमेरिका में चुनाव
दुनियाभर की निगाहें इस वक्त वैश्विक महाशक्ति अमेरिका में होने वाले चुनावों पर टिकी हुई हैं। अमेरिका की सत्ता किसके पास होगी इसके फैसले के लिए अमेरिका में मंगलवार को मतदान शुरू हो चुका है। चुनावी जंग में अमेरिका का 46वां राष्ट्रपति चुना जाएगा जिसके बाद तय होगा कि तमाम मुद्दों में वैश्विक संतुलन को …
दुनियाभर की निगाहें इस वक्त वैश्विक महाशक्ति अमेरिका में होने वाले चुनावों पर टिकी हुई हैं। अमेरिका की सत्ता किसके पास होगी इसके फैसले के लिए अमेरिका में मंगलवार को मतदान शुरू हो चुका है। चुनावी जंग में अमेरिका का 46वां राष्ट्रपति चुना जाएगा जिसके बाद तय होगा कि तमाम मुद्दों में वैश्विक संतुलन को लेकर दुनिया किस तरफ बढ़ती है।
जहां तक भारत का प्रश्न है तो हमारे देश ने भी वैश्विक परिदृश्य में अपनी ऐसी जगह बना ली है कि विश्व का कोई विकसित देश भी हमारी किसी बात के सरोकार से सीधे तौर पर इन्कार नहीं कर सकता है। अमेरिका के मामले में यह बात और महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि दोनों ही देश जानते हैं कि उन्हें एक दूसरे की कितनी जरूरत है। इस लिहाज से अमेरिकी चुनाव के परिणाम भारत के लिए भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने कि और देशों के लिए।
डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार और वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन उम्मीदवार जो बिडेन के बीच हो रहा यह मुकाबला तय करेगा कि विश्व की दो लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक समेत महत्वपूर्ण रक्षा साझेदारी किस तरह आगे बढ़ती है। वर्तमान सरकार के साथ भारत के संबंध अब तक बहुत संतोषजनक ढंग से आगे बढ़े हैं। तमाम मामलों में दोनों देशों के बीच सहयोग बना है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों का भविष्य निश्चित तौर पर अमेरिकी चुनाव के परिणामों पर भी काफी निर्भर करेगा, इसमें कोई दो राय नहीं है।
यह बात महत्वपूर्ण है कि किसी भी देश में सरकार बदलने और सरकार बनी रहने के बीच काफी फर्क होता है। यह बात तय करती है कि देश में चलाई जा रही तमाम नीतियां किस तरह आगे बढ़ेंगी। सरकार बदलने की स्थिति में जहां तमाम नीतियों में बदलाव देखने को मिलते हैं तो पुरानी सरकार के नए स्वरूप में आने के बाद भी काफी चीजें बदलती हैं।
भारत के संदर्भ में यह बात इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि इन दिनों पाकिस्तान, चीन के साथ चल रहे विवादों के बीच अमेरिका ने काफी हद तक भारत का समर्थन किया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी कई नीतियों का पहले भी लगातार समर्थन कर चुका है। यह सहयोग आगे भी बना रहे, यह जरूरी है।
उम्मीद की जानी चाहिए कि अमेरिका में हो रहे चुनाव के बाद जीत चाहे डोनाल्ड ट्रंप की हो अथवा जो बिडेन की, दोनों देशों के बीच रिश्तों में फिर से गर्माहट बरकरार रहते हुए अंतरराष्ट्रीय राजनीति में समन्वय बनाते हुए दोनों देश एक-दूसरे के अच्छे सहयोगी बनें।
