शाहजहांपुर: हाथियों के झुंड ने फसल की थी बर्बाद, एक दिन बाद जागा वन विभाग

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Edited By Amrit Vichar
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खुटार के बाद अब खीरी जंगल में पहुंचा हाथियों का झुंड, वन विभाग ने किसानों को किया सचेत

खुटार,अमृत विचार। हाथियों का झुंड खुटार के गांव हंसपुर में फसलों को उजाड़ने के बाद अब जनपद लखीमपुर खीरी के गांव सुआबोझ जंगल की तरफ पहुंच गया है। वहीं बृहस्पतिवार को वनकर्मियों ने मौके पर पहुंच कर जांच की और किसानों से मिलकर सचेत रहने की अपील की। साथ ही खुटार-मैलानी जंगल किनारे वनकर्मियों ने काबिंग की है। उनका कहना है कि हाथियों का झुंड जंगल से होकर गांव सुआबोझ की तरफ चला गया है लेकिन खुटार से सटे जिला लखीमपुर खीरी में हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है। जो किसी भी समय खुटार में दस्तक फिर से दे सकता है। हालांकि, वन विभाग हाथियों की लोकेशन ट्रेस लगातार करता आ रहा है।
 
24 सितंबर की रात को चार से अधिक किसानों की हाथियों ने फसल उजाड़ दी थी। करीब दस बीघा फसल बर्बाद हो गई थी। किसानों के अथक प्रयास करने के बाद हाथियों के झुंड को जंगल में खदेड़ दिया था और लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी। इसके बावजूद वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझी थी। रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने इस मामले की जानकारी से इनकार किया था और किसी ने सूचना नहीं दी यह बात कही थी। सूचना मिलने के बाद बृहस्पतिवार को रेंजर ने वनकर्मी संतोष गौड़, संजीव कुमार व अन्य वनकर्मियों को गांव हंसपुर पहुंच कर जांच कर किसानों से मिलकर सचेत देने के निर्देश दिए। इसके बाद वनकर्मी  गांव पहुंचे। जहां किसानों से मिले और जानकारी की। उन्होंने किसानों से कहा कि हाथियों के आने की सूचना मिलते ही वन विभाग को दें। जिससे समय से हाथियों को जंगल में खदेड़ सके और नुकसान से बच सकें। साथ ही किसानों से सतर्कता बरतने की अपील की। इसके बाद वनकर्मियों ने जंगल किनारे कांबिंग की है। वन विभाग के एसडीओ सुशील कुमार हंसपुर गाव में जांच के लिए टीम को भेजा गया था। जांच कराई गई है। साथ ही वनकर्मियों से काम्बिंग को भी कहा गया है। अब हाथियों की लोकेशन मैलानी खीरी की तरफ की है। 

जिनका नुकसान हुआ उन किसानों से नहीं मिले
उधर, माना जा रहा है कि जिन किसानों की फसलों को हाथियों के झुंड ने तबाह किया है। उन किसानों से वनकर्मी नहीं मिल सके। जिससे नुकसान होने का आकलन साफ नहीं हो सका है। लेकिन किसानों ने करीब दस बीघा फसल उजाड़ने की बात कही थी। वनकर्मियों ने किसानों को समझाने और कांबिंग करने के बाद वापस लौट गए। 

किसानों की बढ़ी चिंता
हाथियों के झुंड का खुटार में दस्तक देने के बाद किसानों के पसीने छूटने लगे हैं। वजह है कि किसानों की फसलें खेतों में तैयार खड़ी है। जिसके चलते किसान चिंता में हैं। वन विभाग से कहीं ज्यादा किसान हाथियों के झुंड की लोकेशन ट्रेस करने में जुटा हुआ है। जंगल किनारे बसे गांव के किसान एक दूसरे से मोबाइल फोन पर हाथियों की आने की बात पूछ रहे है। साथ ही किसान खेतों पर रहकर रखवाली कर रहा है। जिससे किसान बेहद परेशान हैं।

 

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