सड़कें धंसी, बिजली गुल, कई इलाके जलमग्न : लगातार 14 घंटे तक झमाझम बारिश से बाद जन जीवन अस्त-व्यस्त
जाते मानसून की बारिश ने धान व गन्ने की फसल को पहुंचाया नुकसान
अयोध्या, अमृत विचार : मानसून के जाते मेघों ने कहर बरपा दिया। हवा के साथ लगातार 14 घंटे की बारिश से सड़कें कई जगह धंस गई, बिजली गुल हो गई। खेत लबालब हो गए। हवा से धान और गन्ने की फसल जमीन पर लोट गईं। नुकसान की आशंका है। मेघ अभी पांच दिन उमड़-घुमड़ कर बारिश करेंगे। ऐसा पूर्वानुमान है।
मौसम गुरुवार की दोपहर बदला तो बदलता ही गया। रात नौ बजे से शुरू हुई हवा के साथ बारिश की बूंदे बढ़ती ही गई। रात बीती, सुबह हुई और दोपहर तक बूंद की लरी नहीं टूटी। हवा के झोंके और बारिश के साथ ही बिजली गुल हो गई। शहर के रीडगंज-देवकाली मार्ग पर सड़क छह जगह धंस गई, सीवर के भरे गए गड्ढे बैठे तो आनन-फानन में जेसीबी उतरा। सफेद गिट्टी भरी गई। बराबर किया गया। कई अन्य स्थानों पर भी सीवर खोदाई वाले स्थानों और नई सड़कें भी थोड़ी बहुत धंस गईं। मेघों के बारिश का कहर खेतों पर भी टूटा। सुबह तक खेत लबालब हो गए। शहर के कई मोहल्ले जमग्न की स्थित में पहुंच गए हैं।
100 मिमी तक हुई बारिश
जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में 90 से 100 मिमी तक बारिश रिकार्ड की गई है। यह सीजन की ज्यादा बारिश है। शहरी क्षेत्र में बारिश ज्यादा बताई गई है। नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दोपहर तक 91.2 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई।
बारिश की संभावना थी लेकिन इतनी नहीं
कृषि विश्विद्यालय ने 26 सितंबर से मौसम खराब और बारिश की संभावना व्यक्त की थी, लेकिन बारिश उम्मीद से परे रही। केंद्र के वैज्ञानिक बताते हैं कि अचानक इस क्षेत्र में मौसम बदला और ज्यादा बारिश हुई। उत्तरा फाल्गुनी के बाद शुक्रवार को हस्त नक्षत्र लग गया है। बारिश नक्षत्र के साथ शुरू हुई है। पांच दिन मतलब दो अक्टूबर तक इतनी तो नहीं लेकिन बारिश के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि बारिश के आसार अभी दो अक्टूबर तक हैं। बादलों की लुकाछिपी और बारिश रहेगी।
जलभराव के निराकरण को दल गठित, कंट्रोल रूम सक्रिय
-लगातार बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया है। नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय के साथ जल भराव से प्रभावित क्षेत्रों श्रीराम चिकित्सालय के सामने जलवानपुरा स्थित मोहल्ला क्षीरसागर, जनौरा, अवधपुरी फेज-3, रामघाट चौराहा सहित अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण किया। जल निकासी के लिए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। कहा कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए उचित प्रबन्ध किया जाए। जलभराव वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर त्वरित कार्रवाई की जाए।
बताया कि कौशलपुरी, जनौरा, उसरु,अवधपुरी, जेबीपुरम, रामघाट, देवकाली आदि क्षेत्रों में जल निकासी कराई गई। जलभराव की समस्या के निराकरण व त्वरित समाधान के मद्देनजर कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है। नगर आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष कार्यदल गठित किया है, जो जल भराव के चिह्नित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई कराएगी। जलभराव के संबंध में कोई भी शिकायत/सूचना निगम के कन्ट्रोल रूम में दूरभाष सं. -1533/05278-299400/1800-313-1277/7311165805 पर की जा सकती है।
