बदायूं : कोर्ट में गलत आख्या देने पर इस्लामनगर के प्रभारी निरीक्षक को नोटिस

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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न्यायालय में गलत आख्या प्रस्तुत करने पर मांगा 30 सितंबर को स्पष्टीकरण

बदायूं, अमृत विचार। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लीलु चौधरी ने थाना इस्लामनगर के प्रभारी निरीक्षक को सरकार बनाम अमित के मामले में गलत आख्या देने पर 30 सितंबर को उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। 

इस्लामनगर पुलिस ने साल 2022 में गांव रसूलपुर सगवा निवासी अमित पुत्र मुनीपाल को आयुध अधिनियम की धारा 3/25 में जेल भेजा था। पुलिस ने अमित के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसी केस में आरोपी अमित के गैर जमानती वारंट चल रहे थे। 20 सितंबर को पुलिस द्वारा न्यायालय में यह आख्या प्रेषित की गई कि अभियुक्त पिछले पांच वर्ष से अपनी चल व अचल संपति बेचकर कहीं चला गया है। स्थान की कोई जानकारी नहीं है। तब न्यायालय ने शुक्रवार को थाना प्रभारी को नोटिस जारी करते हुए कहा कि प्रस्तुत आख्या से ऐसा प्रतीत होता है कि या तो उनके द्वारा गलत तथ्यों के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय मे प्रेषित किया गया है या अभियुक्त को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भ्रामक आख्याएं न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जा रही हैं। जो कि अत्यंत आपत्तिजनक है और लापरवाह कार्यशैली को इंगित करती है। 30 सितंबर को न्यायालय में इस मामले के संबंध में स्पष्टीकरण दें। स्पष्टीकरण न देने पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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