कैप्टन अमरिंदर का कृषि कानूनों के विरोध में जंतर-मंतर पर धरना
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को जंतर मंतर पर धरना दिया। लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरनजीत सिंह बैंस, पंजाबी एकता पार्टी के विधायक सुखपाल खैरा और शिरोमणि अकाली दल (डी) के विधायक परमिंदर सिंह ढींडसा भी धरना …
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को जंतर मंतर पर धरना दिया। लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरनजीत सिंह बैंस, पंजाबी एकता पार्टी के विधायक सुखपाल खैरा और शिरोमणि अकाली दल (डी) के विधायक परमिंदर सिंह ढींडसा भी धरना प्रदर्शन में शामिल हुए।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी को धरने में शामिल नहीं होने के लिए कहा गया क्योंकि दिल्ली में उनकी सरकार ने किसानों को बचाने के लिए संशोधन विधेयक पारित नहीं किये। कांग्रेस सहित कई विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि केंद्र द्वारा हाल ही में लाए गए कृषि कानून किसानों के हितों के विरोधी हैं और कार्पोरेट घरानों के हित में हैं। हालांकि केंद्र ने जोर दिया है कि नए कानून किसानों के हित में हैं।
बता दें कि केन्द्र की ओर से नये कृषि कानून बनाने के बाद किसानों ने इनका विरोध करते हुये रेल रोको आंदोलन गत एक अक्तूबर को शुरू कर दिया था जिसके चलते पंजाब राज्य में ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी । अब राज्य के सभी थर्मल प्लांटों में कोयले का भंडार खत्म होता देख मुख्यमंत्री ने पिछले माह किसानों से ट्रैक खाली करने की अपील की थी ताकि कोयला तथा खाद सहित अन्य वस्तुओं की आवाजाही शुरू हो सके।
उन्होंने संभावना जताई कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अकाली फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी के साथ हाथ मिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने मिशन की शुरुआत राजघाट से करने का रास्ता इसलिए चुना है क्योंकि महात्मा गांधी ने लाखों किसानों के साथ भारत की पहचान दी थी। आज का कार्यक्रम पंजाब के विधायकों और सांसदों की तरफ से मोर्चाबन्दी नहीं है बल्कि राज्य को पेश संकट भारत के लोगों के ध्यान में लाने का प्रयास है।
