दिल्ली में कोविड-19 की तीसरी लहर

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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने बुधवार को यह स्वीकार किया कि राष्ट्रीय राजधानी में वैश्विक महामारी कोविड-19 की तीसरी लहर है। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने आज इस बात को माना कि दिल्ली में कोरोना वायरस की वर्तमान में तीसरी लहर चल रही है। राजधानी में मंगलवार को कोरोना वायरस के …

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने बुधवार को यह स्वीकार किया कि राष्ट्रीय राजधानी में वैश्विक महामारी कोविड-19 की तीसरी लहर है। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने आज इस बात को माना कि दिल्ली में कोरोना वायरस की वर्तमान में तीसरी लहर चल रही है।

राजधानी में मंगलवार को कोरोना वायरस के रिकार्ड 6,725 नए मामले आए थे और कुल आंकड़ा चार लाख तीन हजार 96 पर पहुंच गया है। वायरस 6652 मरीजों की जान ले चुका है और 36 हजार 375 मरीज अभी वायरस से ग्रसित हैं जबकि तीन लाख 60 हजार 69 महामारी को मात दे चुके हैं।

केजरीवाल ने मीडिया से कहा, “राजधानी में कोविड-19 के मामलों में उछाल आया है। हम इसे कोरोना वायरस की तीसरी लहर कह सकते हैं। हम पूरी स्थिति पर बारीकी से निगाह रखे हुए हैं और जरूरत के हिसाब से महामारी को नियंत्रित करने के लिए जो भी आवश्यक होगा कदम उठायेंगे।”

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, “दिल्‍ली में कोरोना वायरस की तीसरी लहर है। इसके लिए हालांकि पिछले 15 दिनों में आक्रामक कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग को कारण माना जा सकता है।” उन्‍होंने बताया कि राजधानी में कुल कोरोना बेड में करीब 6,800 बिस्तरों पर मरीज हैं हैं जबकि 9,000 खाली पड़े हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार निजी अस्‍पतालों में आईसीयू बिस्तर सुरक्षित रखने का फैसला पलटने के दिल्‍ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में दस्तक देगी। सत्येन्द्र जैन ने कहा कि सरकारी अस्पतालों से अधिक निजी अस्‍पतालों में भीड़ है क्‍योंकि बाहर से आने वाले लोग उन्‍हीं अस्‍पतालों में इलाज कराने जाते हैं। उन्‍होंने कहा हालांकि उपचार का प्रोटोकॉल सरकारी और निजी दोनों अस्‍पतालों में एक जैसा ही है।

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