पीलीभीत: बेटियों ने अफसर बनकर सुनी फरियाद; एक दिन के लिए अपराजिता बनी डीएम, अनु और विजेता भी करती दिखी समाधान

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। केंद्रीय विद्यालय की अपराजिता एक दिन के भी डीएम बनी। इस दौरान उन्होंने फरियादियों की शिकायतें सुनी और संबंधित अधिकारी को कॉल कर समस्या का तत्काल निस्तारण करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने डीएम कोर्ट, कोषागार का भ्रमण कर व्यवस्था देखीं। 

छात्रा अनु शर्मा ने एक दिन का एडीएम बनकर चुनाव कार्यालय का भ्रमण कर चुनाव के दौरान किए जाने वाले कार्यों का जाना। इसी तरह छात्रा राधिका गौड़ और विजेता उपाध्याय क्रमश: सीडीओ और डीपीआरओ बनी।
                
डीएम संजय कुमार सिंह के आदेश के क्रम में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत नायिका बलिकाओं द्वारा सांकेतिक भूमिका निर्वहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों को आगे बढ़ाना एवं उनको जनपद स्तर के पदों की ओर आकर्षित करना था। 

इसी क्रम में केंद्रीय विद्यालय की आठवीं एवं 11वीं कक्षा की छात्राओं को डीएम कार्यालय का भ्रमण कराया गया। इस दौरान अपराजिता उपाध्याय का एक दिन का डीएम बनाया गया। उन्होंने फरियादियों की समस्याएं सुनी। उन्होंने बीसलपुर से बिजली पोल से जुड़ी एक समस्या आने पर संबंधित अधिकारी को कॉल कर समस्या का निस्तारण करने के भी निर्देश दिए। 

उन्होंने डीएम कोर्ट भी भी का भी भ्रमण किया। यहां कोर्ट की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। जिला कोषागार के भ्रमण के दौरान बताया गया कि लेखा संबंधी सभी कार्यों का संपादन यहां से होता है एवं सभी  सरकारी आवश्यक फाइलों का रखरखाव कैसे किया जाता है, इसकी जानकारी दी गई।

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