तीसरी लहर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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राजधानी दिल्ली में मंगलवार को जब कोरोना वायरस से संक्रमित रिकॉर्ड मरीज सामने आए तो निश्चित ही यह चिंता का विषय है क्योंकि त्योहारों के सीजन में इसे कोरोना की तीसरी लहर बताया जा रहा है। खुद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने यह बात बोली है कि दिल्ली में लोग लापरवाही बरत रहे हैं। कई …

राजधानी दिल्ली में मंगलवार को जब कोरोना वायरस से संक्रमित रिकॉर्ड मरीज सामने आए तो निश्चित ही यह चिंता का विषय है क्योंकि त्योहारों के सीजन में इसे कोरोना की तीसरी लहर बताया जा रहा है। खुद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने यह बात बोली है कि दिल्ली में लोग लापरवाही बरत रहे हैं। कई यूरोपीय देशों में दोबारा लाकडाउन शुरू हो चुका है।

मामले अगर बढ़ रहे हैं तो साफ है कि लोग कहीं न कहीं संक्रमण को लेकर असावधान हो रहे हैं। वह यह समझकर लापरवाह हो रहे हैं कि अब कोरोना वायरस का असर कम हो रहा है। यह भ्रम भी बन गया है कि कोरोना अब पहले जैसा घातक नहीं रहा है जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अगर ऐसा होता तो कोरोना के कारण अब तक लोग जान नहीं गंवा रहे होते। सोशल डिस्टेंसिंग नाम की अब कोई चीज नहीं रह गई और लाकडाउन भी करीब-करीब पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

लोगों को इस मानसिकता से बाहर निकलना होगा कि वायरस बेअसर हो रहा है या कि अब बहुत ज्यादा सावधान रहने की कोई जरूरत नहीं है। 135 करोड़ की आबादी में अब तक ऐसा भी नहीं है कि एक बहुत बड़ी जनसंख्या कोरोना वायरस की चपेट में आ चुकी हो और लोगों के भीतर संक्रमण के बाद एंटीबॉडीज बन गई हो। चिकित्सक लगातार लोगों को वायरस संक्रमण के प्रति लापरवाही नहीं बरतने की सलाह दे रहे हैं, मगर मामले बढ़ रहे हैं।

इतने बड़े देश में एक बार अगर स्थिति बिगड़ी तो संभलने में बहुत वक्त लग जाएगा। मार्च के बाद से अब तक वायरस को लेकर लोगों के मन में जो गलत धारणाएं बढ़ गई हैं उन्हें लेकर उनके मन से यह बात निकालने की जरूरत है कि लाकडाउन के दौरान जिस तरह की सावधानी बरती जा रही थी, वहीं सावधानी अब जरूरी नहीं है। दूसरा, लोग अगर लापरवाही बरत रहे हैं तो जरूरत खुद के बचाव की है, इस बात को भी गंभीरता से समझना होगा।

वायरस का फैलाव दरअसल कोरोना संक्रमित की लापरवाही से ज्यादा बढ़ता है, वह भी तब जब संक्रमित व्यक्ति में संक्रमण के कोई लक्षण मौजूद ही नहीं हैं। दिल्ली में अगर एक दिन में 6.5 हजार कोरोना संक्रमित मिले हैं तो यह गंभीर बात है। देश के हर कोने से लोगों का यहां आवागमन रहता है और लाखों लोग एक दिन में दिल्ली आते-जाते हैं जो कि संक्रमण का बड़ा कारण भी बन सकता है। लोगों को अब समझना होगा कि खुद की सुरक्षा खुद के हाथों में हैं और सावधानी ही वायरस संक्रमण से बचाव का एक मात्र उपाय है।