Lucknow: आरटीओ कार्यालय में नहीं रुक रहा टोकन का विवाद
स्मार्ट चिप बनी अधिकारियों की गले की हड्डीटोकन के चलते अब आवेदकों को लग रहा है दोगुना टाइम लखनऊ । राजधानी के संभागीय परिवहन कार्यालय में कोविड—19 को देखते हुये सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था के लिए लागू करने के लिए टोकन व्यवस्था की गयी है। लेकिन यह व्यवस्था अधिकारियों के लिए गले की हड्डी बन …
- स्मार्ट चिप बनी अधिकारियों की गले की हड्डी
- टोकन के चलते अब आवेदकों को लग रहा है दोगुना टाइम
लखनऊ । राजधानी के संभागीय परिवहन कार्यालय में कोविड—19 को देखते हुये सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था के लिए लागू करने के लिए टोकन व्यवस्था की गयी है। लेकिन यह व्यवस्था अधिकारियों के लिए गले की हड्डी बन गई है। हालांकि इस व्यवस्था के चलते यहां पर तलवारे खिंच गई है। आरटीओ कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी और ऑनलाइन व्यवस्था का काम देखने के वाले स्मार्ट चिप के लोगों में ही विवाद शुरु हो गया है। मामला सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। टोकन का खामियाजा आवेदकों को भी भुगतना पड़ रहा है। पहले जहां लाइसेंस के लिए आने वाले आदेवकों को एक से डेढ़ घंटे ही समय यहां लगता था वहीं अब वे तीन से चार घंटे यहां पर खड़े होने को मजबूर हैं। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि पहले की व्यवस्था बेहतर थी। लेकिन परिवहन विभाग के आदेश के खिलाफ कोई बोल नहीं पा रहा है।
आमने-सामने हो गए है कर्मचारी
बताते चले कि तकरीबन एक सप्ताह पहले आरटीओ ऑफिस में लाइसेंस के लिए टोकन की व्यवस्था शुरु हुई। लर्निंग और स्थाई लाइसेंस के लिए आने वालों को बायोमैट्रिक कराने से पहले टोकन लेना अनिवार्य कर दिया गया। पहले टोकन वितरण की जिम्मेदारी स्मार्टचिप कंपनी के कर्मचारियों को दी गई। जब वहां पर दलाल पहुंचने लगे तो आरटीओ ऑफिस ने अपने एक कर्मचारी की नियुक्ति ही इसके लिए कर दी। इस कर्मचारी से भी दलालों ने सौ से पांच सौ रुपए में टोकन लेना शुरु कर दिया। इसका खुलासा भी तब हुआ जब 60 नंबर का टोकन लेकर आवेदक सबसे पहले खिड़की पर पहुंच गया। विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि टोकन के चलते स्मार्टचिप कंपनी और आरटीओ ऑफिस के कर्मचारी आमने सामने हो गए है। यहां आने वाले आवेदकों ने बताया कि टोकन के चक्कर में अब उन्हें चार से पांच घंटे यहां बिताना पड़ रहा है। टाइम स्लॉट के अनुसार पहले जो व्यवस्था चल रही थी, वह सही थी। यही आलम रहा तो लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को अपने कार्यालय से छुट्टी लेकर यहां आना होगा।
