बरेली: परचम कुशाई से पहलवान साहब के उर्स का आगाज
बरेली,अमृत विचार। पहलवान साहब के 204वें उर्स का आगाज गुरुवार को परचम कुशाई की रस्म के साथ हो गया। 8 नवंबर को कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन हो जाएगा। दरगाह पर ही उर्स के सारे कार्यक्रम होंगे। पहले दिन अकीदतमंद दरगाह पर हाजिरी देने पहुंचते रहे। इस बार कोरोना वायरस के प्रकोप …
बरेली,अमृत विचार। पहलवान साहब के 204वें उर्स का आगाज गुरुवार को परचम कुशाई की रस्म के साथ हो गया। 8 नवंबर को कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन हो जाएगा। दरगाह पर ही उर्स के सारे कार्यक्रम होंगे। पहले दिन अकीदतमंद दरगाह पर हाजिरी देने पहुंचते रहे। इस बार कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते मुरीदों से न आने की अपील की गई है।
शहर के नॉवल्टी चौराहा स्थित सय्यद वासिल शहीद उर्फ पहलवान साहब के उर्स में असर की नमाज के बाद परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। इसके बाद दरगाह पहलवान साहब पर फातिहा ख्वानी का आयोजन किया गया। इस बारे में फरहान रजा खान ने बताया कि ईशा की नमाज के बाद नातो मनकबत का मुशायरा हुआ जिसकी सदारत मुफ्ती फुरकान रजा नूरी और निजामत इसरार नईमी ने किया। इसमें तमाम शायरों ने शायरी पेश की।
उर्स के सभी कार्यक्रम नबीरे आला हजरत मौलाना तौकीर रजा खान की सरपरस्ती और डा. नफीस खान की सदारत में होंगे। व्यवस्था में इमरान खान, मोहम्मद शफी, सूफी जुबैर मियां, शहजाद पठान, रिजवान हुसैन अंसारी, रहबर अंसारी, अतीक साबरी आदि मौजूद रहे। रविवार को सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर कुल की रस्म अदा की जाएगी।
