बरेली: अब साइकिल की रफ्तार बढ़ाएंगे सपा के पार्षद
बरेली,अमृत विचार। साइकिल की रफ्तार बढ़ाने को अब समाजवादी पार्टी के पार्षदों को शहरी क्षेत्रों में पकड़ मजबूत रखने के लिए वार्ड स्तर पर बूथ कमेटियों को सक्रिय करने की जिम्मेदारी दी गई है। महानगर के सभी 80 वार्डों में मिशन 2022 को लेकर सपा ‘भाजपा घेरो पोल खोलो’ अभियान चलाएगी। तय किया गया है …
बरेली,अमृत विचार। साइकिल की रफ्तार बढ़ाने को अब समाजवादी पार्टी के पार्षदों को शहरी क्षेत्रों में पकड़ मजबूत रखने के लिए वार्ड स्तर पर बूथ कमेटियों को सक्रिय करने की जिम्मेदारी दी गई है। महानगर के सभी 80 वार्डों में मिशन 2022 को लेकर सपा ‘भाजपा घेरो पोल खोलो’ अभियान चलाएगी। तय किया गया है पार्टी ने प्लान तैयार किया है कि जनहित की हर योजना के तथ्य और आंकड़े जुटाकर भाजपा के दावों की पोल खोलना है।
जिलाध्यक्ष अगम मौर्य ने कहा कि पार्षद राजनीति की मुख्य कड़ी है जिन के सहयोग से शहर और कैंट की दोनों सीटें आसानी से जीती जा सकती है। आईवीआरआई पुल शुरू करने के मुद्दे पर तंज कसते हुए कहा कि यूपी में भाजपा सरकार विकास के नाम पर सपा शासनकाल में शुरू किए विकास कार्यों को ही पूरा करके फीता काटने का काम कर वाहवाही लूटने में लगी है।
बैठक में जिला महासचिव सत्येंद्र यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, महानगर महासचिव/पार्षद गौरव सक्सेना, महानगर उपाध्यक्ष पार्षद शमीम अहमद, महानगर उपाध्यक्ष/पार्षद दल नेता राजेश अग्रवाल, कैंट विधानसभा प्रभारी प्रमोद यादव, मोहम्मद कलीमुद्दीन, शेर सिंह गंगवार, हैदर अली, मोतीराम मौर्य, अशफाक गाजी, क्षितिज यादव, गोविंद सैनी, पार्षद रईस मियां अब्बासी, पार्षद रेहान अली, पार्षद अकील गुड्डू पार्षद, फिरदौस अंजुम, पार्षद सलीम पटवारी, पार्षद अलीम खान सुल्तानी, पार्षद यामीन खान, पार्षद यूसुफ भाई, पार्षद वहीद अंसारी, पार्षद डालचंद बाल्मीकि, पार्षद अब्दुल सलीम, पार्षद नरेश पटेल, पार्षद उस्मान अल्वी आदि रहे।
सौगात सपा सरकार की, क्रेडिट भाजपा ले रही
सपा शासनकाल में आईवीआरआई पुल की सौगात पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की देन बताकर सपाइयों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई। समाजवादी प्रबुद्ध सभा के जिलाध्यक्ष इंजी. अतुल पाराशरी ने कहा कि शहर विधायक ने जिस आईवीआरआई पुल का फीता काटकर शुरू किया उसे 2016 में सपा के पूर्व मुख्यमंत्री/ राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बरेली की जनता की परेशानियों को देखते हुए सौगात दी थी। साढ़े तीन साल बाद भाजपा सरकार इसका क्रेडिट ले रही है।
