CBI अधिकारी बन हॉस्पिटल कर्मी को किया डिजिटल अरेस्ट, मनी लांड्रिंग का आरोप लगा ठगे 62 हजार रुपए

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लखनऊ, अमृत विचार। सीबीआई अधिकारी बन जालसाजों ने हॉस्पिटल कर्मी को डिजिटल अरेस्ट कर करीब 62 हजार रुपये ऐंठ लिए। जालसाजों ने मनी लांड्रिंग का आरोप लगाते हुए एक घंटे तक हॉस्पिटल में ही डिजिटल अरेस्ट कर रखा और खाते में रुपए ट्रांसफर कराए। ठगी का एहसास होने पर हॉस्पिटल कर्मी ने विभूतिखंड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

गुडंबा के आदिलनगर स्थित आदर्श कॉलोनी में सुनील कुमार प्रजापति परिवार के साथ रहते हैं। वे विभूतिखंड स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्यरत हैं। सुनील ने बताया कि 28 सितंबर की सुबह वे ड्यूटी पर थे। करीब 9:27 बजे एक कॉल आई। फोन के पीछे मौजूद शख्स ने कहा कि वह क्राइम ब्रांच से बोल रहा हूं,  तुम्हारे खिलाफ कई शिकायतें मिली है। मनी लांड्रिंग में भी शामिल होने का आरोप है। सुनील ने कहा कि सर आपको कोई गलतफहमी हुई है।

इस पर फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी ने उसे पुलिसिया लहजे में डपटा और सीबीआई अधिकारी से बात करने को कहा। अधिकारी ने वीडियो कॉल कर सुनील को धमकाया। कहा कि अगर जांच में सहयोग नहीं करोगे तो तुम्हें गिरफ्तार करना पड़ेगा। मनी लांड्रिंग का मामला है, अगर कोई अपराध नहीं किया है तो जांच में सहयोग करो। साथ ही जांच के दौरान परिवार, दोस्त या किसी से भी बात नहीं करोगे। समझाया कि खाते में जमा रकम की आरबीआई जांच करेगी। अगर मनी लांड्रिंग की बात नहीं निकली तो क्लीन चिट देकर रुपए वापस कर दिए जाएंगे।

एक घंटे तक उसे कमरे में अकेले रहने को कहा गया। फिर खाते में चार बार में 61,500 रुपये ट्रांसफर करा लिए। रुपये वापस नहीं आने पर सुनील को माथा ठनका हुआ। परिचितों को घटना के बारे में बताया। फिर साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करने के साथ ही साइबर सेल को भी सूचना दी थी। जिसके चलते 30 हजार बैंक में होल्ड कर लिए। पीड़ित ने विभूतिखंड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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