Health: बेमौसम बारिश ने बढ़ाया मौत का जोखिम, 34 देशों की स्थित के अध्ययन में सामने आए हालात

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। औसत से अधिक और बेमौसम बारिश से मौत का खतरा बढ़ता जा रहा है। दुनिया भर के एक वैज्ञानिक समूह की ओर से किए गए रिसर्च में यह जानकारी सामने आई है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर एनवायरमेंटल हेल्थ की ओर से किए गए अध्ययन में पता चला कि ज्यादा बारिश की वजह से हृदय और फेफड़े की बीमारियां तेजी से बढ़ रही जिसकी वजह से मौत हो रही है। 

वैज्ञानिकों ने दुनिया भर में बारिश के दौरान हुई 62 हजार घटनाओं का अध्ययन करके यह निष्कर्ष निकाला है। घटनाओं पर आधारित इस अध्ययन में कहा गया कि जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक तेज और बार-बार होने वाली अल्पकालिक बारिश से ऐसे सबूत सामने आ रहे हैं कि जो इन घटनाओं और स्वास्थ्य पर उनके प्रतिकूल असर, विशेष रूप से संक्रामक रोगों के फैलने का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन अत्याधिक बारिश का वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को सामने लाने वाला है। यह अध्ययन ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हो चुका है है। 

10 करोड़ मौतों को अध्ययन में किया गया शामिल

इस शोध में वैज्ञानिकों ने 34 देशों और क्षेत्रों के 645 स्थानों से 1980 से 2020 तक दर्ज किए गए दैनिक मौत और वर्षा के आंकड़ों पर गौर किया। किसी भी कारण से हुई कुल 10 करोड़ मौत के मामलों को इसमें शामिल किया गया। इसमें हृदय व फेफड़ों की स्थिति के कारण क्रमश: 3.1 करोड़ और 1.15 करोड़ से अधिक मौत के मामलों का विश्लेषण किया गया। 

शोध में पाया गया कि अत्यधिक वर्षा वाले दिन का संबंध बेहद खराब मौसम के बाद 14 दिन तक किसी भी कारण से होने वाली मौत के मामलों में आठ फीसदी वृद्धि हुई। जबकि हृदय संबंधी बीमारी के कारण मौत के मामलों में पांच फीसदी की वृद्धि पाई गई। बारिश के बाद एक पखवाड़े में फेफड़ों से जुड़ी मौत के मामलों में करीब 30 फीसदी वृद्धि देखी गई।

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