देश और हक के लिए लड़ने वाला आतंकवादी नहीं होता : मौलाना जाफरी 

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Edited By Amrit Vichar
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हसन नसरुल्लाह सहित सभी शहीदों के इसाले सवाब की मजलिस का आयोजन

अयोध्या, अमृत विचार  : इमामबाड़ा जवाहर अली खां में शहरे मुस्लिमीन की जानिब से शनिवार रात हसन नसरुल्लाह सहित तमाम शहीदों की इसाले सवाब की मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें शिया सुन्नी दोनों समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की और जंग में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर मौलाना जमीर अब्बास जाफरी ने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कुछ लोग हसन नसरूल्ला को आतंकवादी कह रहे यह सरासर गलत है। क्योंकि जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने वालों को आतंकवादी नहीं कहा जा सकता। बल्कि मासूम बच्चों और मजलूमों पर जुल्म करने वाला आतंकवादी होता है। उन्होंने कहा कि अपने देश के लिए और हक के लिए लड़ने वाला आतंकवादी नहीं होता। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई ने कभी भी इजराइल का समर्थन नहीं किया हमेशा वह फिलिस्तीन के पक्ष में बोलते रहे। भारत से हमेशा ईरान का रिश्ता मजबूत रहा है और आगे भी रहेगा।

मौलाना ने कहा कि आज हम सबको  इल्म और शिक्षा ग्रहण करने की बहुत आवश्यकता है क्योंकि अच्छा इल्म अच्छी शिक्षा न जिंदगी बेहतर बनाती है। डॉ नजमुल हसन गनी ने कहा कि आज हम सब इसराइल के अमेरिका के खिलाफ यहां जमा हुए हैं। शायर अली सईद ने फिलिस्तीन ईरान के समर्थन में शेर पढ़ा। इस मौके पर अकबर अली, मेजर आजम कादरी, कमर राईनी, मंजर मेहंदी, जाहिद वारसी बाबा, फारूक अहमद, मौलाना शमीम हैदर, शहर अदीब, मौलाना हैदर अब्बास, मौलाना जाफर रजा आब्दी, मौलाना ज़फर अब्बास कुम्मी, मौलाना कमर मेहंदी, मौलाना महफूज, मुनीर आब्दी, वसी हैदर गुड्डू समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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