Bahraich violence : बसपा सुप्रीमो बोली, अगर जिम्मेदारी निभाई गई होती तो ऐसी घटना कभी नहीं होती

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बहराइच/लखनऊ :  यूपी के बहराइच जिले में हिंसा को लेकर BSP Supremo मायावती ने कहा कि शांति व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए सरकार की पहली जिम्मेदारी है। अगर सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाई होती तो शायद बहराइच में घटना कभी घटित नहीं होती। कहाकि सरकार हर हाल में अमन चैन और लोगों के जान-माल व मजहब की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

बसपा एक्स

पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायवती ने एक्स पर लिखा कि "बहराइच जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति का खराब होकर काबू से बाहर हो जाना चिंताजनक है। ऐसे हालात के लिए शासन-प्रशासन की नीयत व नीति पक्षपाती नहीं बल्कि पूरी तरह से कानूनवादी होना चाहिए ताकि संबंधित मामला गंभीर न होकर यहां शान्ति व्यवस्था की स्थिति बनी रहे" । उन्होंने यह भी लिखा कि यूपी के बहराइच जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति का खराब होकर काबू से बाहर हो जाना चिन्ताजनक। ऐसे हालात के लिए शासन-प्रशासन की नीयत व नीति पक्षपाती नहीं बल्कि पूरी तरह से कानूनवादी होना चाहिए ताकि सम्बंधित मामला गंभीर न होकर यहां शान्ति व्यवस्था की स्थिति बनी रहे। 

बहराइच हिंसा

उन्होंने आगे कहा कि किसी भी त्योहार का कोई भी मजहब हो, शांति व्यवस्था सरकार की पहली जिम्मेदारी है. ऐसे अवसरों पर विशेष प्रबंध जरूरी हैं। अगर ऐसी जिम्मेदारी निभाई गई होती तो बहराइच की घटना कभी भी घटित नहीं होती। सरकार हर हाल में अमन-चैन व लोगों के जान-माल के साथ मजहब की सुरक्षा सुनिश्चित करें। विदित है कि 12 अक्टूबर को मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान  सांप्रदायिक हिंसा भड़कने पर राम गोपाल मिश्र ( 22) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और पथराव और गोलीबारी में लगभग आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। एहतियात के तौर पर बहराइच जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। 

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