लखीमपुर खीरी: झांसा देकर सादे कागज पर कराए हस्ताक्षर, लेखपाल पर दर्ज होगी रिपोर्ट

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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ग्राम प्रधान की तहरीर पर एससी एसटी कोर्ट ने दिए आदेश

सिंगाही, अमृत विचार। ग्राम पंचायत निबौरिया के ग्राम प्रधान को बुलाकर तहसील में झांसा देकर स्टांप और सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने और जाति सूचक गालियां देने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट ने लेखपाल समेत सभी आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश निघासन पुलिस को दिए हैं। 

ग्राम पंचायत निबैरिया के प्रधान झगड़ू ने कोर्ट को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसकी ग्राम पंचायत में 70 मकान प्रधानमंत्री आवास व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बने हैं। उसने ग्राम सभा का प्रस्ताव पारित कर भूमि की श्रेणी परिवर्तन का प्रस्ताव सक्षम राजस्व अधिकारी को भेजा था, लेकिन तहसील प्रशासन ने 66(2) राजस्व संहिता के तहत कार्रवाई करने के आदेश पारित किए। लेकिन तहसीलदार ने एक व्यक्ति का घर गिराने का आदेश दिया, जिसके संबंध में पीड़ित पक्ष ने उच्च न्यायालय को याचिका प्रस्तुत की। उच्च न्यायालय ने तहसीलदार निधासन को व्यक्तिगत रूप से मय अभिलेख उपस्थित होने के आदेश दिए। तहसीलदार ने कार्रवाई से बचने के लिए लेखपाल मोहन कश्यप,  उत्तम कश्यप व सुधीर वर्मा के साथ मिलकर योजना बनाई। वह 13 अगस्त 24 को विकासखंड निघासन गया था, जहां से तहसीलदार ने उत्तम को भेजकर उसे तहसील बुलाया। वह बाइक से उत्तम के साथ तहसील पहुंचा। वहां मोहन कश्यप व सुधीर कुमार पहले से मौजूद थे, जिन्होंने उससे लंबित आवासों के मामले निस्तारित कराने का झांसा दिया। सुधीर कुमार से मोहन कश्यप ने सादे कागज व स्टाम्प मंगवाये। धोखा देकर सादे स्टाम्प व कागजों पर हस्ताक्षर कराकर लेखपाल ने सभी कागज अपने पास रख लिए। आरोप है कि इसके बाद सभी आरोपियों ने उसे अपमानित किया। जेल भिजवाने की धमकी देने लगे। उसने घटना की शिकायत डीएम, एसपी से भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करने के बाद थाना निघासन पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।

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