बरेली: मजनूपुर गांव के 25 घरों में निकला डेंगू का लार्वा
बरेली, अमृत विचार। आलमपुर जाफराबाद के मजनूपुर गांव में अब तक स्वास्थ्य महकमा डेंगू के मरीज होने के दावों को झूठा बता रहा था। लेकिन अमृत विचार अखबार ने ग्रामीणों की समस्या को प्रमुखता से उठाया तो मजनूपुर गांव में करीब 30 स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने गांव में ग्रामीणों की सेहत जांची। वहीं, बुखार …
बरेली, अमृत विचार। आलमपुर जाफराबाद के मजनूपुर गांव में अब तक स्वास्थ्य महकमा डेंगू के मरीज होने के दावों को झूठा बता रहा था। लेकिन अमृत विचार अखबार ने ग्रामीणों की समस्या को प्रमुखता से उठाया तो मजनूपुर गांव में करीब 30 स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने गांव में ग्रामीणों की सेहत जांची।
वहीं, बुखार से पीड़ित महज 16 लोगों का परीक्षण किया। जिसमें सात लोगों के (डेंगू की प्राथमिक जांच) एनएस-1 कार्ड से पॉजीटिव आई। अब इनके सैंपल को एलाइजा टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। यही नहीं, गांव में 25 घरों में डेंगू का लार्वा भी मिला है। मजनूपुर गांव में लोगों के बीमार होने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को मिलने पर शुक्रवार को गांव के करीब 530 घरों पर टीम पहुंची।
टीम में 12 आशाएं कार्यकर्ता, 4 संगिनी और 12 डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स ने घरों में जाकर जल निस्तारण की व्यवस्था देखी। उधर,12 परिवारों की ओर से डेंगू के चलते पलायन करने के मामले में जिलाधिकारी नितीश कुमार ने सीएमओ को जांच के आदेश दिए हैं।
इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि बुधवार को गांव में दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि एलाइजा टेस्ट में हुई। इसके अलावा शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 16 ग्रामीणों की डेंगू की प्राथमिक जांच एनएस-1 कार्ड से जांच की। जिसमें सात ग्रामीणों में डेंगू की पुष्टि हुई, उनका एलाइजा टेस्ट कराने के बाद सैंपल जांच के लिए निजी मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं।
वहीं, 25 घरों में डेंगू का लार्वा मिला, जिसको नष्ट कर साफ-सफाई कराई गई है। जिला मलेरिया अधिकारी डा. डीआर सिंह ने बताया कि डेंगू की शुरूआत में सामान्य सा लगने वाला यह बुखार देरी या गलत इलाज से जानलेवा साबित हो सकता है। मच्छरों से बचाव और वक्त पर सही इलाज हो तो हालात कंट्रोल में रहते हैं।
