मुरादाबाद: गाय के गोबर से बने दीये बनाएंगे दिवाली को इको फ्रेंडली
मुरादाबाद, अमृत विचार। दिवाली की रात को घर में रोशनी करने के लिए हर साल मोमबत्ती, डिजाइनर दीये व मिट्टी के दीपक जलाए जाते हैं। मगर इस बार की दिवाली गाय के गोबर से बने दियों से जगमग होगी। यह गोबर के दीये मिट्टी के दीपकों की तरह ही इको फ्रेंडली होंगे। इन दीयों से …
मुरादाबाद, अमृत विचार। दिवाली की रात को घर में रोशनी करने के लिए हर साल मोमबत्ती, डिजाइनर दीये व मिट्टी के दीपक जलाए जाते हैं। मगर इस बार की दिवाली गाय के गोबर से बने दियों से जगमग होगी। यह गोबर के दीये मिट्टी के दीपकों की तरह ही इको फ्रेंडली होंगे। इन दीयों से किसी भी तरह के प्रदूषण का भी कोई खतरा नहीं है। गोबर के यह दिये जलने के बाद इसकी राख से खाद बनाकर गमले में भी डाली जा सकती है।
दिवाली पर जहां एक तरफ कुम्हार घरों को रोशन करने के लिए मिट्टी के दिये बड़ी संख्या में बना रहे हैं। वहीं पाकबड़ा स्थित मनोहरपुर में गाय के गोबर से दीये बनाए जा रहे है। हालांकि मिट्टी के दीपकों की अपेक्षा गाय के गोबर से बने दीये की लागत मात्र 15 से 20 पैसे आ रही है। यहां पर गाए के गोबर के दिए बनाने वाले प्रदीप का कहना है प्रतिदिन 1500 से अधिक दिये बना लेते है। इन्हें बनाने में छह से सात घंटे लगते है और दो से तीन लोग बना रहे हैं।
हालांकि दिवाली नजदीक आते ही गोबर से बने दीपकों की दिल्ली, आगरा, बरेली और रामपुर जैसे शहरों में डिमांड काफी बढ़ गई है। पिछले कुछ सालों से लोग चाइनीज वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाने पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में गाय के गोबर से बने दियों को रोशन करने से पर्यावरण भी शुद्ध होगा। साथ ही लोगों ने इसे अपना रोजगार भी बनना शुरू कर दिया है।
आनलाइन साइट बेच रही महंगा माल
पाकबड़ा में बने यह गोबर के दीपक आनलाइन साइट पर भी उपलब्ध है। जहां 40 दियों की कीमत 449 रुपये हैं। जबकि पाकबड़ा स्थित मनोहरपुर में यह दिये मात्र 51 रुपए के 20 मिल रहे हैं।
आधा किलों में बनते है 85 दिए
आधा किलो गोबर से 85 दिये बनाए जाते हैं जिसमें 100 ग्राम ग्वार गम (ग्वार की फली से बना जैल) जो चिपकाने के काम आता है। इसके अलावा 50 ग्राम मुल्तानी मिट्टी और गोमूत्र भी मिलाया जाता है। उसके बाद इन दियों को साचे में डालकर तैयार किया जाता है, हालांकि एक दिन में 1500 से अधिक दीये बनाए जाते हैं।
गाय गोबर से बनाए जा रहे लक्ष्मी-गणेश
दीयों के साथ ही गाय के गोबर से लक्ष्मी-गणेश भी बनाए जा रहे हैं, जिसको तैयार करने में मात्र 5 से 20 रुपये की लागत आ रही है। जोकि मिट्टी के बने लक्ष्मी-गणेश की अपेक्षा काफी सस्ते है। ऐसे में दीयों के साथ ही गोबर से बने लक्ष्मी-गणेश की डिमांड भी काफी बढ़ गई है।
-अविक सिंह
