बरेली: महाविद्यालयों में इस सत्र की नहीं लग सकेंगी कक्षाएं !
बरेली,अमृत विचार। कोरोना की वजह से शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बदल गई है। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रों का आवागमन तो शुरू हुआ है लेकिन कक्षाएं चलाने को लेकर कोई भी दिशा-निर्देश अभी तक नहीं आए हैं। कई महीनों की देरी के बाद परिणाम तो जारी हो रहे हैं लेकिन अभी प्रयोगात्मक और मौखिक …
बरेली,अमृत विचार। कोरोना की वजह से शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बदल गई है। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रों का आवागमन तो शुरू हुआ है लेकिन कक्षाएं चलाने को लेकर कोई भी दिशा-निर्देश अभी तक नहीं आए हैं। कई महीनों की देरी के बाद परिणाम तो जारी हो रहे हैं लेकिन अभी प्रयोगात्मक और मौखिक परीक्षा से छूटे छात्रों को एक मौका दिया गया है जो नवंबर माह तक चलेगा।
आने वाले दिनों में फेल हुए छात्रों के इंप्रूवमेंट एग्जाम होंगे। इसके बाद नए सत्र के छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं और फिर मुख्य परीक्षाओं का समय आ जाएगा। ऐसे में सत्र 2020-21 की पढ़ाई मुश्किल ही लग रही है। विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों से जुड़े वरिष्ठ शिक्षक भी यही मान रहे हैं लेकिन सभी गाइडलाइंस के आने का इंतजार कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय ने सत्र 2019-20 की परीक्षाओं का आयोजन फरवरी से शुरू किया था। कई परीक्षाएं हो चुकी थीं लेकिन कोरोना की वजह से 22 मार्च को लॉकडाउन लग गया और सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में पढ़ाई बंद कर दी गई थी। इसकी वजह से कई परीक्षाएं रह गई थीं। जब कुछ हालात सुधरे तो विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को खोलने के निर्देश दिए लेकिन शैक्षिक कार्य पर रोक लगी रही। सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई पर फोकस रखा गया।
शासन के निर्देशों के तहत 15 अक्टूबर से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शोधार्थियों और परास्नातक के उन छात्रों को बुलाने के निर्देश दिए गए हैं जिन्हें विज्ञान एवं तकनीकि विधाओं में प्रयोगशाला संबंधी कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद से कोई भी शैक्षिक कार्य शुरू करने के लिए निर्देश नहीं आए हैं। दो दिन पहले यूजीसी ने फेज मैनर में शैक्षिक सत्र शुरू करने की गाइडलाइंस जारी की है लेकिन यह गाइडलाइंस राज्य सरकार की अनुमति के बाद ही लागू होगी। ऐसे में अब शैक्षिक सत्र कब शुरू होगा, यह कहना काफी मुश्किल है।
मौजूदा समय में महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं का आवागमन तो शुरू हुआ है लेकिन सभी को सिर्फ प्रवेश के संबंध में ही बुलाया जा रहा है। बरेली कॉलेज में स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को बुलाया जा रहा है लेकिन इन्हें भी सिर्फ सेक्शन स्लिप और परिचय पत्र लेने के लिए बुलाया जा रहा है। नंबर के आधार पर छात्रों को बुलाने के बावजूद भीड़ जुट रही है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पढ़ाई के लिए छात्रों को बुलाया गया तो काफी भीड़ जुट जाएगी।
