पीलीभीत: पत्नी की गैर इरादतन हत्या में पति को उम्रकैद, चार साल बाद मिला न्याय 

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पीलीभीत/विधि संवाददाता, अमृत विचार। विवाहिता की गैर इरादतन हत्या के मामले आरोपी पति  को दोषी पाते हुए न्यायालय ने सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का परिशीलन करने के बाद आरोपी को उम्रकैद और 59 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। राज्य सरकार की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने की।

अभियोजन कथानक के अनुसार बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चौसरा के रहने वाले जगत नारायण पुत्र वेदप्रकाश ने बिलसंडा थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि उसकी बहन रेनू देवी (29) की शादी घटना से 12 साल पहले बिलसंडा क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर के निवासी श्रीधर पुत्र रमाकांत से हुई थी। कुछ समय बाद से ही बहनोई श्रीधर अक्सर दहेज की खातिर रेनू से मारपीट करता था। पति के उसके अन्य रिश्तेदार भी प्रताड़ित करते थे। कई बार आरोपियों ने मायके वालों के सामने ही मारपीट की थी। छह जनवरी 2020 को आरोपियों ने रेनू की लाठी डंडों से पिटाई की। जिसमें उसकी सात जनवरी 2020 को मौत हो गई। दूसरे बहनोई से मिली सूचना पर वह पहुंचे तो रेनू का शव कमरे में पड़ा मिला। कई जगह चोट और खून के निशान थे। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना की अदालत में हुई।  दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त श्रीधर तिवारी पुत्र रमाकांत को रेनू की गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद और 59 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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