बरेली: नीरज की आत्महत्या के मामले में तीन गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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 वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की कार्रवाई

बरेली, अमृत विचार । जिला अस्पताल के सफाई कर्मचारी नीरज की फंदा लगाकर आत्महत्या के मामले में आखिरकार थाना इज्जतनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। नीरज के आत्महत्या से पहले के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस जागी।

प्रेमनगर के जाटवपुरा निवासी नीरज वाल्मीकि उर्फ बल्ले जिला अस्पताल में वार्ड ब्वॉय थे। नीरज ने तीन साल पहले कैलाशपुरम, डेलापीर निवासी राजवीर वर्मा और किरन वर्मा से 22 लाख रुपये में मकान खरीदा था। इस मकान पर नीरज का पड़ोसी रामभरोसे और उसके बेटे श्याम और हरीश कब्जा करना चाहते थे। तीनों मकान भी बेचने नहीं दे रहे थे। दो साल तक नीरज ने कई बार थाना इज्जतनगर में शिकायत की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब नीरज शुक्रवार को किराये पर मकान उठाने के लिए आशा वर्कर के साथ जा रहे थे, तभी रामभरोसे, श्याम और हरीश ने रास्ते में घेर लिया और गालीगलौज करते हुए जातिसूचक शब्द कहे थे। अपमानित होकर नीरज ने पहले दो वीडियो बनाए और उसके बाद आत्महत्या कर ली थी। जब परिजनों ने रविवार को नीरज का मोबाइल देखा तो इसकी जानकारी मिली। इसके बाद नीरज की पत्नी नीतू ने थाना इज्जतनगर में तहरीर दी और वीडियो भी दिए, तब अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने रामभरोसे, श्याम, हरीश और राजवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने रात में ही रामभरोसे, श्याम और राजवीर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि हरीश फरार है।

चार के खिलाफ रिपोर्ट , तीन गिरफ्तार 
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि नीरज वाल्मीकि के फंदा लगाकर आत्महत्या करने के दो दिन बाद पत्नी ने वीडियो दिए, जिसमें पड़ोसी पर जातिसूचक शब्द बोलने, मकान में न रहने देने और पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए गए। चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज तीन को गिरफ्तार किया गया। आईजीआरएस और रिकार्ड में छह महीने में नीरज की ओर से कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया। 

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