इरफान सोलंकी के मामले की सुनवाई अब बुधवार को, अमेंडमेंट एप्लीकेशन दाखिल करने का दिया गया समय

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर के सीसामऊ से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की सजा के खिलाफ अपील और जमानत पर सुनवाई टालते हुए इरफान सोलंकी को संशोधन आवेदन दाखिल करने के लिए समय दिया है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने प्रारंभिक आपत्ति जताते हुए कहा कि वर्तमान आपराधिक अपील सीआरपीसी की धारा 374(2) के तहत दाखिल की गई है। 

हालांकि इसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2024 की धारा 415 के तहत दाखिल किया जाना चाहिए था। अतः वर्तमान अपील सुनवाई योग्य नहीं है। इस पर अपीलकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट से संशोधन आवेदन दाखिल करने के लिए समय की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने 24 घंटे का समय दिया है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित की खंडपीठ ने इरफान सोलंकी और अन्य की आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए पारित किया। 

अतः मामले की सुनवाई बुधवार को होगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को विधायक की जमानत पर 10 दिनों के अंदर सुनवाई करने का निर्देश दिया था। उपरोक्त आदेश के अनुपालन में हाईकोर्ट में लिस्टिंग एप्लीकेशन डाली गई, जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 नवंबर की तिथि तय की थी, लेकिन दोनों पक्षकारों की ओर से समय की मांग करने के कारण अब सुनवाई 6 नवंबर को होगी।

 गौरतलब है कि इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी पर कानपुर की एक महिला के घर पर कब्जा करने की नीयत से आगजनी और तोड़फोड़ करने के मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने उन्हें 7 साल की सजा सुनाई थी, जिसे वर्तमान अपील में चुनौती दी गई है और  साथ साल की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग लेकर राज्य सरकार ने भी शासकीय अपील दाखिल की है।

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